EXCLUSIVE: वायरल चैट से मचा सियासी तूफान, केंद्रीय गृहमंत्री को पत्र लिखकर CBI जांच की मांग – खास रिपोर्ट
बिप्लव दत्ता
रायपुर – छत्तीसगढ़ की राजनीति और पुलिस महकमे में इन दिनों एक वायरल चैट ने जबरदस्त हलचल मचा दी है। भूपेश एक्सप्रेस वेव पोर्टल में खबर प्रकाशित के बाद इस पूरे मामले को लेकर जन-प्रतिनिधि प्रतीक पांडेय ने देश के गृहमंत्री Amit Shah को सीधा पत्र लिखकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर दी है।
प्रतीक पांडेय, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा से प्रेरित बताए जाते हैं, ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से कहा है कि छत्तीसगढ़ में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। खासतौर पर एक वायरल चैट, जिसमें वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी का नाम सामने आ रहा है, ने पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।

वायरल चैट से खुला ‘अंदरूनी खेल’?
पत्र में उल्लेख किया गया है कि वायरल चैट में यह संकेत मिलता है कि प्रदेश में पुलिस अधिकारियों की पोस्टिंग और ट्रांसफर किसी सिस्टम के तहत नहीं बल्कि कथित रूप से व्यक्तिगत प्रभाव के आधार पर हो रहे हैं। चैट में Rahul Bhagat का नाम सामने आने से मामला और ज्यादा संवेदनशील हो गया है।
प्रतीक पांडेय ने यह भी दावा किया कि आम जनता के बीच यह धारणा बनती जा रही है कि मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के सचिव स्तर से ही पुलिस विभाग को प्रभावित किया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सवालों की गंभीरता ने सरकार की छवि पर असर डालना शुरू कर दिया है।
सरकार की छवि पर सीधा असर
पत्र में साफ कहा गया है कि इस तरह की चर्चाएं और वायरल सामग्री सीधे तौर पर केंद्र सरकार और गृहमंत्री Amit Shah की छवि को भी प्रभावित कर रही हैं। यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला और बड़ा राजनीतिक विवाद बन सकता है।

प्रतीक पांडेय ने यह भी सवाल उठाया कि:
क्या वास्तव में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की पोस्टिंग किसी विशेष व्यक्ति के इशारे पर हो रही है?
क्या गृह विभाग और डीजीपी स्तर की भूमिका कमजोर पड़ गई है?
क्या कुछ अधिकारी अपने निजी स्वार्थ के लिए पूरे सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे हैं?
CBI जांच की मांग तेज
इस पूरे मामले को लेकर प्रतीक पांडेय ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि वायरल चैट और उससे जुड़े सभी तथ्यों की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी, विशेषकर CBI से कराई जाए। उनका कहना है कि इससे सच्चाई सामने आएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई संभव होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर इस मामले को नजरअंदाज किया गया, तो इससे जनता का विश्वास शासन-प्रशासन से उठ सकता है।
पहले भी हो चुके हैं विवाद
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित आईपीएस अधिकारी पहले से ही विवादों में रहे हैं और हाल ही में उन्हें निलंबित भी किया गया था। ऐसे में वायरल चैट ने पुराने विवादों को फिर से हवा दे दी है।
सियासत गरम, जवाब का इंतजार
इस पूरे घटनाक्रम के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष को सरकार पर हमला करने का नया मुद्दा मिल गया है, वहीं सरकार की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस मामले में वास्तव में कोई बड़ा खुलासा होगा या फिर यह मामला भी अन्य विवादों की तरह समय के साथ ठंडा पड़ जाएगा। फिलहाल जनता और राजनीतिक गलियारों की नजरें गृहमंत्री Amit Shah के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

