दर्दनाक घटना: संजय पार्क में कुत्तों के हमले से 15 हिरणों की मौत, 4 कर्मचारी निलंबित
छत्तीसगढ़ – अम्बिकापुर स्थित संजय पार्क से एक बेहद दुखद और चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां आवारा कुत्तों के हमले में कुल 15 हिरणों की मौत हो गई। इस घटना ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, शनिवार को पार्क परिसर में अचानक घुसे कुत्तों ने हिरणों के झुंड पर हमला कर दिया। इस हमले में 14 हिरणों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हिरण ने रविवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद पार्क में अफरा-तफरी मच गई और वन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया।

स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस घटना को वन विभाग की बड़ी लापरवाही करार दिया है। आरोप है कि पार्क की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से कमजोर थी, जिसके कारण आवारा कुत्ते आसानी से अंदर प्रवेश कर गए और इस दर्दनाक हादसे को अंजाम दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए डिप्टी रेंजर समेत कुल 4 अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। उच्च अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच के आदेश भी दे दिए हैं। वन विभाग का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।

घटना के बाद एहतियात के तौर पर संजय पार्क को तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। इस दौरान पार्क की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने, बाड़ों की मरम्मत और बाहरी जानवरों के प्रवेश को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
इस घटना ने न सिर्फ वन्यजीवों की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं, बल्कि यह भी दिखाया है कि संरक्षित क्षेत्रों में भी जानवर सुरक्षित नहीं हैं। हिरण जैसे मासूम और शांत स्वभाव के जीवों की इस तरह मौत होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पार्कों और अभयारण्यों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन जरूरी है। साथ ही आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या पर भी नियंत्रण पाने की आवश्यकता है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल, इस पूरे मामले ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं और अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि आखिर इस बड़ी लापरवाही के पीछे जिम्मेदार कौन है।

