भाठागांव रोड निर्माण में देरी पर महापौर सख्त: ठेकेदार को नोटिस, 3 दिन में काम शुरू नहीं हुआ तो होगी कार्रवाई
रायपुर – नगर पालिक निगम रायपुर के अंतर्गत भाठागांव चौक से दतरेंगा मोड़ तक बन रही इको-फ्रेंडली सड़क के निर्माण कार्य में लगातार हो रही देरी को लेकर महापौर मीनल चौबे ने गहरी नाराजगी जताई है। महापौर की सख्ती के बाद नगर निगम के कार्यपालन अभियंता ने ठेकेदार को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर अनिवार्य रूप से सड़क डामरीकरण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि तय समयसीमा में काम शुरू नहीं होने पर अनुबंध की कंडिका 2 और 3 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार नगर निगम रायपुर द्वारा 15वें वित्त आयोग मद से भाठागांव चौक से दतरेंगा मोड़ तक इको-फ्रेंडली सड़क निर्माण कराया जा रहा है। इस कार्य का ठेका मेसर्स नरेश एंड कम्पनी को दिया गया है। लेकिन लंबे समय से निर्माण कार्य में देरी के कारण क्षेत्र के लोगों और जनप्रतिनिधियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
महापौर मीनल चौबे ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को तलब किया और निर्माण कार्य की प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई। महापौर ने स्पष्ट कहा कि शहर के प्रमुख मार्गों के निर्माण में लापरवाही किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बाद निगम के कार्यपालन अभियंता ने ठेकेदार एजेंसी को नोटिस जारी कर कड़ी चेतावनी दी है।
नोटिस में उल्लेख किया गया है कि विगत 18 फरवरी 2026 को भी एजेंसी को कार्य की गति बढ़ाने और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद अब तक सड़क डामरीकरण का कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है, जो अत्यंत खेदजनक है। बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद ठेकेदार द्वारा काम में ढिलाई बरती जा रही है।
निगम अधिकारियों के अनुसार यह मार्ग शहर के व्यस्ततम मार्गों में से एक है, जहां प्रतिदिन भारी यातायात का दबाव रहता है। ऐसे में सड़क निर्माण में देरी के कारण न केवल परियोजना की प्रगति प्रभावित हो रही है, बल्कि लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धूल, गड्ढों और अधूरे निर्माण कार्य के कारण स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों में भी आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य में देरी से नगर निगम रायपुर की छवि भी प्रभावित हो रही है। जनप्रतिनिधियों और आम जनता की लगातार शिकायतों के बाद अब निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए ठेकेदार को अंतिम चेतावनी दी है।
कार्यपालन अभियंता ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि नोटिस प्राप्त होने के तीन दिनों के भीतर सड़क डामरीकरण का कार्य अनिवार्य रूप से प्रारंभ किया जाए। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर काम शुरू नहीं किया गया तो अनुबंध की कंडिका 2 और 3 के प्रावधानों के तहत ठेकेदार एजेंसी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की होगी।
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि शहर में चल रहे सभी विकास कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करना प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि निगम प्रशासन की सख्ती के बाद अब सड़क निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा और उन्हें राहत मिलेगी।

