राजधानी में भ्रष्टाचार का ‘खतरनाक ब्रिज’! 8 साल में ही झड़ने लगा तेलीबांधा एक्सप्रेसवे, PWD की गुणवत्ता पर बड़े सवाल
रिपोर्ट – बिप्लव दत्ता
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में करोड़ों रुपये की लागत से बना तेलीबांधा एक्सप्रेसवे अब भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण की पोल खोलता नजर आ रहा है। रायपुर रेलवे स्टेशन से तेलीबांधा होते हुए शदाणी दरबार चौक तक जाने वाला यह ब्रिज महज 7–8 साल में ही जर्जर होने लगा है।

ब्रिज की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि उसके हिस्सों से बड़े-बड़े सीमेंट के ढेले और कंक्रीट के टुकड़े टूटकर नीचे गिर रहे हैं। कई जगहों पर दरारें भी साफ दिखाई दे रही हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि ब्रिज के ठीक नीचे व्यस्त सड़क है, जहां हर समय वाहनों और राहगीरों की आवाजाही रहती है। ऐसे में किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते ब्रिज की मरम्मत और तकनीकी जांच नहीं हुई तो किसी की भी जान जा सकती है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक जिम्मेदार विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नजर नहीं आ रहा है।

लोगों का आरोप है कि PWD के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदारों की कमीशनखोरी के चलते घटिया निर्माण किया गया, जिसका नतीजा है कि करोड़ों का यह ब्रिज 8 साल के भीतर ही भरभराकर टूटने की स्थिति में पहुंच गया है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब राजधानी रायपुर में बने पुलों की यह हालत है, जहां मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक और बड़े रसूखदार रहते हैं, तो प्रदेश के अन्य जिलों में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता कैसी होगी?
फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर PWD विभाग और सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस खतरनाक स्थिति को गंभीरता से लेकर जांच और कार्रवाई करता है या फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने ब्रिज की तत्काल तकनीकी जांच, मरम्मत और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

