March 6, 2026

बायलर इंस्पेक्टर भर्ती विवाद: नियम विरुद्ध नियुक्ति का आरोप, राज्यपाल से तीन सदस्यों की सेवा समाप्त करने की मांग – भाजपा नेता गौरीशंकर श्रीवास

0
Screenshot_20260227_192657_copy_800x521


रिपोर्ट – बिप्लव दत्ता

रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में पूर्व भूपेश सरकार के कार्यकाल में मनोनीत सदस्यों पर भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता के गंभीर आरोप लगे हैं। बायलर निरीक्षक भर्ती (विज्ञापन दिनांक 23.10.2024) में नियमों को दरकिनार कर नियुक्ति किए जाने का मामला सामने आने के बाद आज इस संबंध में राज्यपाल को औपचारिक शिकायत सौंपी गई है।

भाजपा नेता गौरीशंकर श्रीवास ने आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित बायलर निरीक्षक (कॉमर्स एवं इंडस्ट्रियल साइंस) भर्ती परीक्षा में आयु-सीमा सहित अन्य पात्रता शर्तों का उल्लंघन कर एक अभ्यर्थी को नियुक्ति दी गई, जिससे आयोग की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं।

मामले को लेकर एक अन्य अभ्यर्थी द्वारा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट, बिलासपुर ने अपने आदेश (WPS No. 6748/2025, दिनांक 17.02.2026) में नियुक्ति प्रक्रिया को अनुचित बताते हुए लाभ पहुंचाने की कोशिश पर कड़ी टिप्पणी की है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि पूर्व की कांग्रेस सरकार के दौरान आयोग में मनोनीत तीन सदस्यों ( प्रवीण वर्मा, संत कुमार पासवान और सरिता उइके) की भूमिका संदिग्ध रही है और इनके निर्णयों के विरुद्ध न्यायालय का फैसला आने के बावजूद सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई। इसी आधार पर राज्यपाल से मांग की गई है कि आरोपित सदस्यों को तत्काल पद से हटाकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि प्रदेश के युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ न हो।

शिकायतकर्ता गौरी शंकर ने राज्यपाल से मामले की गंभीरता को देखते हुए कठोर कार्रवाई की अपेक्षा जताई है और कहा है कि भर्ती परीक्षाएं पूरी तरह पारदर्शी ढंग से कराई जानी चाहिए, जिससे आयोग पर जनता का विश्वास बना रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed