विधानसभा में गूंजा पुलिस कस्टडी में आदिवासी नेता की मौत का मामला, जांच से क्यों भाग रही सरकार
रायपुर – पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज प्रश्नकाल के दौरान पुलिस कस्टडी में मौत के सनसनीखेज मामले को लेकर सरकार पर सीधा हमला बोला। कांकेर जेल में बंद आदिवासी नेता जीवन ठाकुर की रायपुर में मौत के बाद भी सरकार का रवैया सवालों के घेरे में है।
भूपेश बघेल ने दो टूक कहा— पुलिस कस्टडी में एक आदिवासी नेता की मौत हो जाती है और गृहमंत्री जांच से भाग रहे हैं। विधानसभा समिति से जांच कराने में आखिर दिक्कत क्या है? अगर सरकार पाक-साफ है तो जांच से डर कैसा?
गंभीर आरोप, बड़े सवाल
क्या पुलिस कस्टडी में हुई मौत को दबाने की कोशिश हो रही है?
क्या आदिवासी होने की वजह से न्याय से समझौता किया जा रहा है?
आखिर गृहमंत्री विजय शर्मा विधानसभा समिति से जांच को क्यों ठुकरा रहे हैं? भूपेश बघेल ने कहा कि यह सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान पर सीधा हमला है। अगर जनप्रतिनिधि जांच की मांग कर रहे हैं, तो सरकार का इनकार यह साफ करता है कि कुछ न कुछ छिपाया जा रहा है।
सरकार की चुप्पी पर सवाल
पुलिस कस्टडी में मौत जैसे संवेदनशील मामले में भी जांच से इनकार यह लापरवाही नहीं, बल्कि डर का संकेत है।

