असामाजिक तत्वों ने रानी दुर्गावती की मूर्ति को किया खंडित, तलवार तोड़ी — कांग्रेस का प्रदर्शन, पुलिस-प्रशासन पर उठे सवाल
रिपोर्ट – संजू गुप्ता
कवर्धा– जिले में एक बार फिर असामाजिक तत्वों द्वारा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश सामने आई है। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत रानी दुर्गावती चौक में स्थापित रानी दुर्गावती की प्रतिमा को अज्ञात असामाजिक तत्वों ने खंडित कर दिया। प्रतिमा के हाथों में लगी तलवार तोड़ दी गई, जिससे क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक एकत्र हो गए। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की। हालात बिगड़ते देख पुलिस बल मौके पर पहुंचा। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए खंडित मूर्ति को कपड़े से ढक दिया गया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह सिर्फ एक मूर्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला नहीं है, बल्कि यह महान वीरांगना के सम्मान पर हमला है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय इसी मार्ग पर स्थित हैं, तब भी इस तरह की घटनाएं कैसे हो रही हैं। इससे जिले की पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कवर्धा जिले में हाल के दिनों में मूर्तियों को तोड़ने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कभी हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां तोड़ी जा रही हैं, तो कभी चौकों पर स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं को निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन अब तक किसी भी मामले में ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई है।
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और आरोपियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ, लेकिन क्षेत्र में अभी भी रोष का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि चौक-चौराहों और संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, रात्रिकालीन गश्त बढ़ाई जाए और दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और जल्द खुलासे का दावा किया जा रहा है। यह पूरा मामला कवर्धा शहर की कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है।

