रायपुर में कुख्यात हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर गिरफ्तार, 2019 के मामले में स्थायी वारंट पर कार्रवाई
छत्तीसगढ़ – राजधानी रायपुर में एक बार फिर कानून का शिकंजा कुख्यात हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर पर कस गया है। पुलिस ने वर्ष 2019 के गंभीर आपराधिक मामले में अदालत द्वारा जारी स्थायी वारंट के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद रोहित तोमर को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
2019 का गंभीर मामला, लंबे समय से फरार था आरोपी
यह पूरा मामला कोतवाली थाना रायपुर क्षेत्र का है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक रोहित तोमर के खिलाफ धारा 327 (मारपीट), 384 (जबरन वसूली) और 506 (जान से मारने की धमकी) के तहत अपराध दर्ज था। लगातार अदालत में पेशी से बचने और गैरहाजिर रहने के कारण कोर्ट ने उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया था।
रोहित–वीरेंद्र तोमर: अपराध की लंबी फेहरिस्त
रोहित तोमर और उसके भाई वीरेंद्र तोमर का नाम राजधानी में अपराध की दुनिया में कुख्यात रहा है। दोनों भाइयों के खिलाफ मारपीट, वसूली, दुष्कर्म और हत्या जैसे करीब दो दर्जन संगीन मामले दर्ज हैं। वर्ष 2013 के एक हत्या प्रकरण में दोनों की रिव्यू पिटीशन भी छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट द्वारा पहले ही खारिज की जा चुकी है।
सूदखोरी पर शिकंजा, इनाम भी हुआ था घोषित
लगातार मिल रही सूदखोरी की शिकायतों के बाद रायपुर पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ आठ अलग-अलग मामले दर्ज किए थे। कार्रवाई के दौरान दोनों फरार हो गए थे। बाद में वीरेंद्र तोमर को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि रोहित तोमर पर 5,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इसी बीच उसे सुप्रीम कोर्ट से जमानत भी मिली थी, लेकिन पुराने मामलों में वारंट लंबित था।
DCP की सख्ती, ACP के निर्देशन में बनी टीम
डीसीपी उमेश गुप्ता ने लंबित वारंटों की समीक्षा के दौरान इस मामले को गंभीरता से लिया। एसीपी दीपक मिश्रा के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई और आखिरकार स्थायी वारंट के आधार पर रोहित तोमर को धर दबोचा गया।
पुलिस का सख्त संदेश
पुलिस अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा है कि कानून से भागने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। चाहे आरोपी कितना भी कुख्यात क्यों न हो, अपराध करने की छूट किसी को नहीं दी जाएगी।रायपुर पुलिस की यह कार्रवाई साफ संकेत है कि शहर में अपराधियों के लिए अब कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है।

