वीडियो : राज्य सरकार की मंशा छोटे अस्पतालों को बंद करने की – डॉ. राकेश गुप्ता
रायपुर – एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स इंडिया (AHPI) छत्तीसगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार की नीति और निर्णय यह साफ संकेत दे रहे हैं कि उसकी मंशा प्रदेश के छोटे अस्पतालों और नर्सिंग होम को बंद करने की है, ताकि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत कम मरीजों का इलाज और कम भुगतान करना पड़े।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि HEM-2 पोर्टल को लागू करने के नाम पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा छोटे अस्पतालों पर सीधा दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 20 बिस्तरों वाले अस्पतालों में अनुपात के आधार पर तीन MBBS डॉक्टरों की अनिवार्य नियुक्ति, साथ ही केवल स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को ही नर्सिंग होम एक्ट के अंतर्गत आयुष्मान पंजीयन की पात्रता देना पूरी तरह अव्यवहारिक और छोटे अस्पतालों को हतोत्साहित करने वाला कदम है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बड़े अस्पताल मुख्यतः रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग–भिलाई जैसे गिने-चुने शहरों तक सीमित हैं। यदि HEM-2 पोर्टल की वर्तमान शर्तों को जबरन लागू किया गया, तो आयुष्मान योजना भी केवल इन्हीं तीन शहरों तक सिमट कर रह जाएगी। जबकि प्रदेश के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ छोटे अस्पताल और नर्सिंग होम ही हैं, जहां अधिकांश मरीज आयुष्मान योजना के तहत इलाज कराते हैं।
डॉ. गुप्ता ने आरोप लगाया कि HEM-2 पोर्टल के अव्यवहारिक नियम थोपकर राज्य सरकार छोटे अस्पतालों पर ताले लगाने की रणनीति पर काम कर रही है, ताकि सीमित वित्तीय संसाधनों वाली सरकार को आयुष्मान योजना के तहत मरीजों के इलाज का भुगतान न करना पड़े।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपनी नीति पर पुनर्विचार नहीं किया, तो इसका सीधा असर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ेगा, जो पूरी तरह चरमरा सकती है। छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोग इलाज के लिए बड़े शहरों में भटकने को मजबूर होंगे।
डॉ. राकेश गुप्ता ने प्रदेश के सभी अस्पताल संचालकों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों और विधायकों से मुलाकात कर इस मुद्दे को उनके संज्ञान में लाएं और आगामी विधानसभा सत्र में इसे मजबूती से उठाने का आग्रह करें। उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि इस विषय पर विफल रहते हैं, तो सरकार के खिलाफ हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।

