रील में ‘रोल’ मारने वाला कानून के शिकंजे में; पत्रकार तिवारी को धमकी देने वाले सोलंकी पर FIR दर्ज
छत्तीसगढ़ – राजधानी रायपुर में स्वतंत्र पत्रकारिता पर हमले का मामला अब कानूनी कार्रवाई तक पहुँच गया है। पत्रकार देवेश तिवारी को धमकी देने वाले कुशाग्र सोलंकी के खिलाफ रायपुर के सिविल लाइन थाना में FIR दर्ज की गई है। यह कार्रवाई पत्रकार संगठनों और मीडिया जगत के दबाव के बाद हुई है।

दरअसल, बीते दिनों पत्रकार देवेश तिवारी ने भूमाफिया बसंत अग्रवाल से जुड़े अवैध जमीन कारोबार और संदिग्ध गतिविधियों को उजागर करते हुए खबरें प्रकाशित की थीं। इन खबरों से बौखलाए भूमाफिया से जुड़े लोग लगातार पत्रकार को डराने–धमकाने की कोशिश कर रहे थे।
रील से धमकी, प्रेस क्लब तक पहुँचकर पूछताछ
आरोप है कि कुशाग्र सोलंकी और उससे जुड़े लोग सोशल मीडिया पर धमकी भरी रील बनाकर पत्रकार को खुलेआम चेतावनी दे रहे थे, वहीं कुछ लोग रायपुर प्रेस क्लब पहुँचकर देवेश तिवारी के घर और दफ्तर का पता पूछते फिर रहे थे, जिससे पत्रकार और उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो गया था।

पत्रकारिता पर सीधा हमला
यह पूरा मामला सिर्फ एक पत्रकार को धमकाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे स्वतंत्र पत्रकारिता पर सीधा हमला माना जा रहा है। यदि सच उजागर करने की सजा धमकी और डर हो, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।
कार्रवाई की मांग जारी
हालांकि FIR दर्ज होने के बाद भी पत्रकार संगठनों का कहना है कि केवल FIR से काम नहीं चलेगा,आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी, और भूमाफिया नेटवर्क की गहन जांच जरूरी है। इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या रायपुर में सच लिखने की कीमत धमकी है? और क्या भूमाफिया कानून से ऊपर हो गए हैं?

