March 6, 2026

मोहनी फैमिली रेस्टोरेंट में तोड़फोड़ का मामला: कार्रवाई नहीं हुई तो नेशनल हाइवे जाम करेगा सतनामी समाज

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छत्तीसगढ़ – रायपुर जिले के खरोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहनी मोंगरा फैमिली रेस्टोरेंट में हुई भीषण तोड़फोड़ और लूट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि प्रभावशाली जनप्रतिनिधियों और उनके साथियों द्वारा कानून को हाथ में लेते हुए रेस्टोरेंट में जमकर तोड़फोड़ की गई, लेकिन अब तक पुलिस ने एफआईआर तक दर्ज नहीं की है। इसी को लेकर सतनामी समाज में भारी आक्रोश है।

पीड़ित पप्पू पूरेना (निवासी ग्राम व पोस्ट बेल्दार सिवनी, थाना खरोरा) ने सोमवार को बड़ी संख्या में समाज के लोगों के साथ रायपुर ग्रामीण एसपी को शिकायत सौंपी। उन्होंने स्पष्ट अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि पांच दिवस के भीतर आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो रायपुर–खरोरा नेशनल हाइवे जाम किया जाएगा।

क्या है पूरा मामला

पप्पू पूरेना ने बताया कि 23 जनवरी को बसंत पंचमी के दिन ग्राम रायखेड़ा में मड़ई मेला के दौरान दो पक्षों में मारपीट और चाकूबाजी की घटना हुई थी, जिससे उनका किसी भी प्रकार का कोई संबंध नहीं है। इसके बावजूद ग्राम पंचायत रायखेड़ा के सरपंच दिनेश वर्मा, उनके भाई सुरेन्द्र वर्मा, हेमंत वर्मा, उपसरपंच भोजराम धीवर, उजित नारायण सहित अन्य लोगों पर आरोप है कि वे रात्रि लगभग 3 बजे चिचोली स्थित मोहनी मोंगरा फैमिली रेस्टोरेंट में घुसे और जमकर उत्पात मचाया।

लाखों का नुकसान, नगदी व सामान लूट का आरोप

शिकायत के अनुसार आरोपियों ने रेस्टोरेंट के गल्ले से 24 हजार रुपये नगद, दो मोबाइल फोन लूट लिए। इसके अलावा 70 मीटर शीशा फ्रेम, दो मुख्य दरवाजे, टीवी, सीसीटीवी कैमरे व डीवीआर तोड़ दिए।
गर्म करने वाली मशीनें, बड़ा फ्रिज, फ्रीजर, राशन सामग्री क्षत-विक्षत कर दी गई। वहीं 22 कुर्सियां, 11 टेबल, स्टील के बर्तन, थाली, प्लेट, कांच व प्लास्टिक के सामान को भी तोड़ दिया गया। कुल मिलाकर लाखों रुपये के नुकसान का दावा किया गया है।

पुलिस की भूमिका पर सवाल

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के इतने दिनों बाद भी खरोरा पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि घटना स्थल की तस्वीरें स्वयं पूरी सच्चाई बयां कर रही हैं, फिर भी पुलिस की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।

पीड़ितों ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि होने के कारण आरोपियों को संरक्षण मिल रहा है और पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करने से बच रही है।


थाना प्रभारी से संपर्क नहीं

मामले को लेकर खरोरा थाना प्रभारी से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन इस गंभीर मामले में समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई करता है या फिर सतनामी समाज के अल्टीमेटम के बाद स्थिति और तनावपूर्ण होती है।

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