राजिम कुंभ कल्प मेला 2026 के आमंत्रण कार्ड में बड़ी लापरवाही: मुख्य पेज पर छपी किसी अन्य स्थान की तस्वीर, स्थानीय लोगों में भड़का आक्रोश
राजिम | छत्तीसगढ़ का प्रयागराज कहलाने वाला राजिम धर्म नगरी का प्रतिष्ठित राजिम कुंभ कल्प मेला 2026 शुरू होने से पहले ही विवादों में घिर गया है। 1 फरवरी से 15 फरवरी तक आयोजित होने वाले इस भव्य धार्मिक आयोजन के लिए छपवाए गए आधिकारिक आमंत्रण कार्ड में गंभीर लापरवाही सामने आई है। कार्ड के मुख्य पृष्ठ पर राजिम की बजाय किसी अन्य स्थान की फोटो छाप दी गई है, जिससे स्थानीय श्रद्धालुओं और नागरिकों में भारी आक्रोश फैल गया है।
यह चूक उस समय उजागर हुई जब आमंत्रण कार्ड का वितरण शुरू किया गया। जैसे ही लोगों की नजर फोटो पर पड़ी, सवाल उठने लगे कि राजीव लोचन मंदिर, महानदी–पैरी–सोंढूर के त्रिवेणी संगम और मेला स्थल की पहचान छोड़कर किसी और जगह की तस्वीर आखिर क्यों इस्तेमाल की गई।
आस्था और पहचान से खिलवाड़ का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि राजिम कुंभ कल्प छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु स्नान, शाही स्नान, संत समागम और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे आयोजन के आमंत्रण कार्ड में गलत तस्वीर का इस्तेमाल आस्था के साथ छेड़छाड़ और राजिम की विशिष्ट पहचान को कमजोर करने वाला कदम माना जा रहा है।
एक स्थानीय निवासी ने नाराजगी जताते हुए कहा—
“राजिम की प्रमाणिक तस्वीरें शासन की वेबसाइट, पर्यटन विभाग और सोशल मीडिया पर उपलब्ध हैं। इसके बावजूद गलत फोटो छापना सिर्फ तकनीकी गलती नहीं, बल्कि हमारी धार्मिक भावनाओं का अपमान है।”
प्रशासन की भूमिका पर सवाल…इस मामले ने शासन-प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आमंत्रण कार्ड छपने से पहले क्वालिटी चेक क्यों नहीं किया गया?
पर्यटन एवं संस्कृति विभाग, गरियाबंद जिला प्रशासन और संबंधित ठेकेदार की निगरानी में यह चूक कैसे हुई?
क्या जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई होगी?
अब तक इस पूरे मामले में कोई आधिकारिक बयान या कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे नाराजगी और बढ़ती जा रही है।
पहले से विवादों में घिरा कुंभ
गौरतलब है कि राजिम कुंभ कल्प मेला 2026 पहले ही टेंडर विवाद, तैयारियों में देरी और व्यवस्थाओं को लेकर सवालों से घिरा हुआ है। ऐसे में आमंत्रण कार्ड जैसी बुनियादी चीज में हुई यह चूक आयोजन की गंभीरता और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर रही है।
इस वर्ष कुंभ का आयोजन नए 52 एकड़ मेला स्थल पर प्रस्तावित है, जिसमें महाशिवरात्रि पर विशेष स्नान भी शामिल है। लेकिन यदि ऐसी लापरवाहियां जारी रहीं, तो भव्य आयोजन की छवि को गहरा नुकसान पहुंच सकता है।
स्थानीय लोगों की मांग
स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं की मांग है कि—
दोषी ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई हो
गलत कार्ड वापस मंगाए जाएं
राजिम की सही पहचान वाली फोटो के साथ नए आमंत्रण कार्ड जारी किए जाएं
अब देखना यह है कि शासन-प्रशासन इस गंभीर लापरवाही को कितनी गंभीरता से लेता है या यह मामला सिर्फ औपचारिक माफी तक ही सीमित रह जाएगा।

