आयुष्मान योजना बदहाल, अस्पताल बेहाल! 6 महीने से भुगतान बंद — 30 जनवरी को छत्तीसगढ़ भर में इलाज ठप का ऐलान
( रिपोर्ट – बिप्लव दत्ता ) रायपुर – छत्तीसगढ़ में गरीबों के इलाज की रीढ़ कही जाने वाली आयुष्मान भारत योजना आज खुद आईसीयू में नजर आ रही है।
प्रदेश भर के निजी अस्पतालों में भारी आक्रोश है क्योंकि जुलाई 2025 से एक भी रुपया भुगतान नहीं हुआ, वहीं जनवरी–मार्च 2025 के 90% से अधिक अस्पतालों का भुगतान अब तक बकाया है।
👉 कई बार पत्राचार, कई बार गुहार… लेकिन सरकार और सिस्टम दोनों मौन।
⚠️ अब आंदोलन तय — इलाज पर पड़ेगा सीधा असर
एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर इंडिया की पिछले रविवार हुई अहम बैठक में बड़ा फैसला लिया गया।
➡️ 30 जनवरी 2026 को छत्तीसगढ़ के सभी निजी अस्पताल संचालक और पैरामेडिकल स्टाफ काली पट्टी बांधकर विरोध करेंगे।
➡️ इस दिन अस्पतालों में काम बंद रहेगा।
➡️ मरीजों से अगले दिन आने का निवेदन किया जाएगा।
सरकार के लिए गरीबों का इलाज प्राथमिकता नहीं?
एक तरफ छत्तीसगढ़ सरकार महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने तय तारीख में भुगतान करती है, तो दूसरी तरफ आयुष्मान योजना में महीनों से भुगतान लटका हुआ है। अस्पताल संचालकों का सवाल साफ है — “जब बहनों को समय पर भुगतान हो सकता है, तो गरीब मरीजों का इलाज करने वाले अस्पतालों को क्यों नहीं?”
पारदर्शिता की कमी, सिस्टम की विफलता अस्पतालों का आरोप है कि कोई पारदर्शी भुगतान प्रणाली नहीं…कोई स्पष्ट टाइमलाइन नहीं और न ही सरकार की ओर से जवाबदेही
👉 नतीजा:
आयुष्मान योजना बार-बार ठप, मरीज और अस्पताल दोनों परेशान।
⏰ चेतावनी साफ
अगर जल्द भुगतान व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई,
तो आने वाले दिनों में आयुष्मान के तहत इलाज मिलना और मुश्किल होगा, और इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और स्वास्थ्य विभाग की होगी।

