बहुचर्चित शराब घोटाला: पूर्व मुख्यमंत्री की डिप्टी सेक्रेटरी सौम्या चौरसिया 14 दिन की रिमांड पर,चैट्स में कई अहम डिजिटल सबूत
छत्तीसगढ़ – बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई तेज होती दिख रही है। दो दिन पहले गिरफ्तार की गई पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की डिप्टी सेक्रेटरी सौम्या चौरसिया को PMLA कोर्ट ने 14 दिन की रिमांड पर भेज दिया है। इससे पहले कोर्ट ने उन्हें दो दिन की रिमांड दी थी। शुरुआती रिमांड अवधि पूरी होने के बाद ED ने सौम्या को फिर से कोर्ट में पेश किया, जहां जांच एजेंसी की दलीलों को स्वीकार करते हुए लंबी रिमांड मंजूर की गई।
ED के अनुसार, सौम्या चौरसिया की गिरफ्तारी पप्पू बंसल उर्फ लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, तांत्रिक केके श्रीवास्तव और कारोबारी अनवर ढेबर के होटल मैनेजर दीपेन चावड़ा के बयानों के आधार पर की गई है। इन बयानों के साथ-साथ ED को सौम्या, रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर–चैतन्य बघेल के बीच हुई चैट्स में कई अहम डिजिटल सबूत भी मिले हैं।
ED का कहना है कि ACB/EOW द्वारा IPC 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में दर्ज FIR के आधार पर जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि शराब घोटाले से राज्य के खजाने को भारी नुकसान पहुंचा और करीब 2500 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध कमाई (POC) हुई।
जांच एजेंसी के मुताबिक सौम्या चौरसिया को इस घोटाले से लगभग 115.5 करोड़ रुपए की POC मिली। ED ने डिजिटल रिकॉर्ड, जब्त सामग्री और लिखित बयानों के रूप में कई सबूत जुटाए हैं। इन सबूतों से यह संकेत मिलता है कि सौम्या शराब सिंडिकेट की एक सक्रिय सदस्य थीं।

