March 6, 2026

भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती जनजाति गौरव दिवस के रूप में मनाया जा रहा है – केदार कश्यप

0
IMG-20251114-WA0011

जगदलपुर- छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यह पूरा वर्ष 15 नवंबर 2024 से लेकर कल 15 नवंबर तक भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती के उपलक्ष्य में जनजाति गौरव दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इसी अवधि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छत्तीसगढ़ प्रवास और उनके हाथों आदिवासी समाज के महानायकों, उनकी संघर्ष गाथा व स्वाधीनता संग्राम में उनके सर्वस्व बलिदान के गौरवशाली अतीत का स्मरण कराता संग्रहालय लोकार्पित हुआ।

प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार प्रति वर्ष 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जाता है। जनजातीय गौरव दिवस के दृष्टिगत छत्तीसगढ़ में अनेक आयोजन किए जा रहे हैं। एक तो हमारे जनजाति समाज के महापुरु‌षों, जिन्होंने स्वाधीनता संग्राम में अहम भूमिका निभाई, जिनके स्मारक, पैतृक ग्राम, जन्मस्थान के लिए योजना बनाकर हम जा रहे हैं, वहां लगातार कार्यक्रम चल रहे हैं। श्री कश्यप ने कहा कि जनजाति वर्ग के लिए भारत सरकार ने जितने काम किए हैं, जो योजनाएं स्वीकृत हुई हैं, उसे लेकर जगह-जगह प्रदर्शनी का आयोजन हो रहा है। कल 15 नवंबर को प्रदेश के हर जिले में विभिन्न कार्यक्रम होंगे और पिछले एक पखवाड़े में हुए कार्यक्रमों की जानकारी भी दे रहे हैं। कश्यप ने कहा कि आदिवासी समाज में लोक-कला के निपुण कलाकारों को सामने लाने का कार्यक्रम सरकार कर रही है। इन कलाकारों के कार्यक्रम ब्लॉक और जिलों में होने के बाद आगामी 19 व 20 नवंबर को प्रदेशस्तरीय अंतिम प्रतियोगिता के साथ सरगुजा के अम्बिकापुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में समापन होगा। यह छत्तीसगढ़ के लिए सौभाग्य का विषय है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जनजाति गौरव दिवस पर सान्निध्य प्राप्त हो रहा है। श्री कश्यप ने कहा कि जनजाति गौरव दिवस के मद्देनजर ये सभी कार्यक्रम हर ब्लॉक व गांवों के साथ ही आदिवासी विभाग से जुड़ी संस्थाओं में चल रहे हैं, जहां आश्रम छात्रावासों में स्वास्थ्य परीक्षण व स्वच्छता अभियान चल रहा है।

मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि लगभग 6,650 आदि आदर्श ग्रामों को सरकार की योजना में चयनित किया गया है, जिसमें जन-जागरण करना है। अनेक स्थानों पर वाद-विवाद, भाषण, निबंध लेखन, गायन आदि प्रतियोगिताएं हो रही हैं, महापुरुषों की जीवन गाथा से परिचित कराया जा रहा है। इन महापुरुषों के प्रतिमा स्थल पर स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में अनेक गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं, योजनाओं के लाभार्थियों का सम्मेलन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच व दृष्टिकोण के अनुरूप जनजति समाज को विकसित करने का लक्ष्य तय किया गया है। आदि आदर्श ग्राम, पीएम जन-मन योजना, विशेष पिछड़ी जनजाति समाज के लिए हो रहे कार्यों व सुविधाओं पर श्री कश्यप ने कहा कि यह परिवर्तनकारी निर्णय है। जनजाति समाज के सर्वतोमुखी विकास का मॉडल भी मोदी ने रखा है, जिसके लिए 80 हजार करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। आदि कर्मयोगी योजना के तहत इन सभी योजनाओं व विकास कार्यों की मॉनीटरिंग की जा रही है।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed