March 6, 2026

छत्तीसगढ़ में ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप पर बैन, बच्चों की मौत के बाद मचा हड़कंप

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छत्तीसगढ़ – देशभर में चर्चा में आया ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप अब छत्तीसगढ़ में भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। मध्यप्रदेश और राजस्थान में इस सिरप को पीने के बाद 12 बच्चों की मौत की खबरों ने देश को झकझोर दिया है। इसके चलते तमिलनाडु स्थित निर्माता कंपनी श्रीसन फार्मा की इस कफ सिरप पर सवाल उठने लगे हैं। जांच में सिरप में जानलेवा रसायन डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) की अत्यधिक मात्रा पाई गई है, जो बच्चों के लिए बेहद खतरनाक मानी जाती है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई कोल्ड्रिफ की तस्वीर

हालांकि छत्तीसगढ़ में इस सिरप की सप्लाई या कोई स्टॉक सामने नहीं आया है, लेकिन सोशल मीडिया पर सिरप की तस्वीरें तेजी से वायरल हुईं। इसके चलते अभिभावकों के बीच डर का माहौल बना हुआ है। खासतौर पर छोटे बच्चों के माता-पिता इस खबर के बाद बेहद सतर्क हो गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग की सख्ती

राज्य स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि भले ही छत्तीसगढ़ में कोल्ड्रिफ कफ सिरप की बिक्री नहीं हो रही, फिर भी बाजार में इसकी किसी भी संभावित मौजूदगी को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। मेडिकल स्टोर्स और थोक विक्रेताओं की जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि जनता को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्कता बेहद जरूरी है।

क्या है डाइएथिलीन ग्लाइकॉल और क्यों है यह खतरनाक?

कोल्ड्रिफ कफ सिरप में पाए गए डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) को एक औद्योगिक सॉल्वेंट माना जाता है, जो शरीर के अंगों पर घातक असर डालता है। यह विशेष रूप से बच्चों में किडनी फेलियर और अन्य जानलेवा स्थितियों को जन्म दे सकता है। इससे पहले भी देश और दुनिया में DEG युक्त सिरप के कारण बच्चों की मौत की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

कोल्ड्रिफ कफ सिरप का निर्माण तमिलनाडु के कांचीपुरम जिले स्थित श्रीसन फार्मा द्वारा किया जाता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी इस सिरप के सैंपल लेकर जांच शुरू कर दी है और कंपनी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

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