ध्वनि प्रदूषण: सडकों पर लगे कैमरे के सीटीवी फुटेज संरक्षित रखें – हाई कोर्ट
रायपुर – ध्वनि प्रदूषण के संबंध में 22 सितम्बर को जनहित याचिका की हुई सुनवाई में मान. छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बी.डी.गुरु की बेंच ने आदेशित किया गया है कि कोलाहल अधिनियम, 1985 और ध्वनि प्रदूषण विनियमन एवं नियंत्रण नियम, 2000 के अंतर्गत प्रभावी नियंत्रण के लिए सडकों पर लगे कैमरे के सीटीवी फुटेज को त्योहारों के मौसम और जुलूसों के दौरान विशिष्ट तिथियों में संरक्षित किया जाए ताकि ध्वनि विनियमों के किसी भी उल्लंघन का पता लगाया जा सके।

इस सम्बन्ध में मुख्य सचिव को कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने और सभी आवश्यक कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। याचिका में उपरोक्त आदेश तब दिए गए जब रायपुर के हस्तक्षेप याचिकाकर्ता डॉ. राकेश गुप्ता की तरफ से रायपुर में गणेश विसर्जन के दौरान लगभग 50 से 60 डीजे बजाने की बात बता कर रायपुर की सडकों पर लगे ट्रैफिक विभाग के कैमरों की रिकॉर्डिंग संरक्षित करने का अनुरोध किया गया ताकि ध्वनि प्रदूषण के नियमों के उलंघन का पता लगाया जा सके और ध्वनि प्रदूषण की मानिटरिंग की जा सके।

डॉ. गुप्ता ने चर्चा में बताया कि इसी जनहित याचिका के दौरान बनाई गई समिति को छत्तीसगढ़ शासन के विधि विभाग ने स्पष्ट रूप से बताया है कि मोटर यान अधिनियम 1988 की धाराओं का परिवहन विभाग द्वारा कड़ाई पूर्वक पालन सुनिश्चित कराए जाने से वाहनों में डीजे सिस्टम लगाकर ध्वनि प्रदूषण फैलाए जाने का पूर्ण रूप से निवारण हो सकता है।

