साय सरकार में 14वें नवनियुक्ति मामले में मंत्री के खिलाफ दायर तीन सप्ताह बाद होगी सुनवाई
बिलासपुर – छत्तीसगढ की भाजपा सरकार14वें मंत्री के खिलाफ दायर जनहित याचिका को हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। प्रकरण पर तीन हफ्ते बाद सुनवाई होगी। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा, और जस्टिस बीडी गुरू की बैंच में मंगलवार को सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता रायपुर के सामाजिक कार्यकर्ता वासु चक्रवर्ती की तरफ से शपथपत्र प्रस्तुत किया गया। कोर्ट ने जनहित याचिका की गंभीरता परखने के लिए उनसे उनके सामाजिक कार्यों और विवरण प्रस्तुत कहा था, कोर्ट ने शपथ पत्र पर संतुष्टि जाहिर कि याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया।
राज्य सरकार की तरफ से एजी प्रफुल्ल भारत ने बताया कि इसी तरह का प्रकरण सुप्रीम कोर्ट में लंबित है ।यह याचिका सीनियर एडवोकेट विवेक तनखा की तरफ से दायर की गई है। इस पर कोर्ट ने स्टेटस
रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है। याचिका पर तीन हफ्ते बाद सुनवाई होगी।
विधानसभा में कुल संख्या 90 सीटों की कुल सीटों के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती छत्तीसगढ़ विधानसभा की 90 सीटों के हिसाब से यह संख्या अधिकतम 13.50 यानी 13 मंत्र होनी चाहिए। तीन नए मंत्री बनाए थे 20 अगस्त को तीन नए मंत्री बनाए बाद कैबिनेट में अब सदस्य हो गए हैं, जो इस सीमा से अधिक है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि यह संविधान के अनुच्छेद164 (1 क) का उल्लंघन है । याचिकाकर्ता की तरफ से सीनियर एडवोकेट किशोर भादुड़ी और अभ्युदय सिंह ने पैरवी की में कहा गया कि में मंत्रिमंडल की संख्या 14 वाली छत्तीसगढ़ राज्य में अब याचिका दायर करने के बाद मामले में नया मोड़ आ सकता है।
आज सुनवाई पूरी होने के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस के तरफ से याचिका एक कोर्ट पहुंची है।अब तीन सप्ताह ही आगे कि तिथि निर्धारित किया गया है।

