कांग्रेस नेताओं पर विज्ञापन घोटाला करने का आरोप: ‘सुशील ही मुखबिर निकला’ – भाजपा नेता गौरी शंकर श्रीवास
रायपुर :- छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार के मामले में एक नया आरोप सामने आया है। इस आरोप के मुताबिक, कांग्रेस के नेताओं और उनके करीबियों ने मिलकर श्रमजीवी पत्रकारों का हक़ मारा और नक़ली पत्रकार बनकर सरकारी विज्ञापनों से लाखों रुपये कमाए।
घोटाले का आरोप
आरोपों के केंद्र में कांग्रेस के एक नेता ‘सुशील’ का नाम है, जिन्हें इस पूरे मामले का “मुखबिर” बताया जा रहा है। आरोप है कि उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए दो न्यूज़ पोर्टलों को अपने रिश्तेदारों के नाम से डीपीआर (DPR) में सूचीबद्ध करवाया। इन पोर्टलों के माध्यम से जमकर सरकारी विज्ञापनों से पैसा बनाया गया।
बदलती सरकार में भी जारी रहा गोरखधंधा
इस मामले में एक और चौंकाने वाला दावा सामने आया है। आरोप है कि कांग्रेस सरकार के जाने के बाद भी, ये लोग नई सरकार से विज्ञापन प्राप्त करने के लिए हर दिन “विष्णु पूजा” का ढोंग करते रहे, जब तक कि उनकी इस अवैध कमाई पर रोक नहीं लग गई।
पोस्ट में यह भी कहा गया है कि एक प्रवक्ता ने अपनी पहचान छिपाने के लिए प्रकाशक का नाम और पता हटाने की असफल कोशिश की, लेकिन वे पकड़े गए। यह आरोप सीधे तौर पर कांग्रेस नेताओं की नैतिकता पर सवाल उठाता है और दर्शाता है कि किस तरह उन्होंने अपने फ़ायदे के लिए नियमों का उल्लंघन किया।

