March 7, 2026

चिकित्सा परिसर पर धार्मिक दृष्टि से आक्रमण चिंता का विषय और निंदनीय,धमतरी क्रिश्चियन हॉस्पिटल का चिकित्सा सेवा में अद्वितीय स्थान

0
Screenshot_20250730_204322_copy_800x523

रायपुर – एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेअर प्रोवाइडर्स ऑफ़ इंडिया (ए एच पी आई) के छत्तीसगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने धमतरी क्रिश्चियन अस्पताल में तोड़फोड़ की घटना की कड़ी निंदा की है। तीन दिन पहले अस्पताल के अंदर हुए उपद्रव, तोड़फोड़ एवं स्वास्थ्य कर्मियों व डॉक्टरो से हुए दुर्व्यवहार को आपत्तिजनक बताते हुए डॉक्टर राकेश गुप्ता ने कहा है कि देश की आजादी से पूर्व पहुंचविहीन आदिवासी इलाकों के चिकित्सा सुविधा रहित क्षेत्रों में सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बने रहे 115 साल पुराने इस अस्पताल को बलात निशाने पर लेकर उसे धार्मिक रंग देना चिकित्सा व्यवसाय को हतोत्साहित करने वाली घटना है।

डॉ.गुप्ता ने कहा कि नफरत की बुनियाद पर की जाने वाली ऐसी कारवाइयों किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हैं।उन्होंने कहा कि यह तो समाज की भी जिम्मेदारी है कि ऐसे असमाजिक तत्वों को हतोत्साहित करने में चिकित्सा बिरादरी के साथ खड़ा रहे।

डॉ. गुप्ता ने कहा कि चिकित्सा जैसे पवित्र पेशे में हमेशा मरीज के इलाज के समय धर्म- जाति के भेदभाव से दूर मरीज को ठीक करना और उसकी कुशलता की कामना करते हुए पूरा चिकित्सा समुदाय मानव सेवा में लगा रहता है। चिकित्सकीय पाठ्यक्रम शुरू करते समय डॉक्टरों द्वारा ली गयी ह्यपोक्रिटिक ओथ में भी इस बात का उल्लेख रहता है। इस संबंध में धमतरी क्रिश्चियन हॉस्पिटल का रिकॉर्ड अद्वितीय है।

चिकित्सा सेवा क्षेत्र में इलाज करने में यदि कोई मानवीय त्रुटि महसूस होती है तो उसके समाधान के लिए सरकार ने कानूनी रूप से सक्षम मंच बनाए हैं। इस संबंध में मरीज अपनी शिकायतें प्रशासन को कर सकते हैं लेकिन कानून हाथ में लेकर परिसर में आक्रमण और हुड़दंग करना गलत परिपाटी को जन्म दे रहा है। इस प्रकार की घटनाएं पूरे चिकित्सा समुदाय के लिए चिंता का विषय है। ए एच पी आई छत्तीसगढ़ चैप्टर राज्य शासन और जिला प्रशासन से मांग करता है कि अस्पताल परिसर और कार्यरत नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों को पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए ताकि वहां पहुंच रहे जरूरतमंद मरीज भय मुक्त वातावरण में इलाज करा सकें। साथ ही जिला प्रशासन से मांग करता है कि जिन लोगों ने तोड़फोड़ की है उनके खिलाफ चिकित्सा परिसर हिंसा अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed