March 6, 2026

अंधविश्वास बना हत्या की वजह, रस्सी से गला घोंटकर और हंसिए से किया वार,तीन आरोपी गिरफ्तार

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रिपोर्टर – शशिकांत सनसनी

राजनांदगांव – खैरागढ़ थाना अंतर्गत ग्राम खैरबना में अंधविश्वास और टोनही प्रताड़ना का एक और वीभत्स मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला की उसके पड़ोसियों ने नृशंस हत्या कर दी। पुलिस ने हत्या की इस गुत्थी को सुलझाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

दरअसल 26 जून को मृतका की पहचान मोहिनी साहू का शव उनके घर में रक्तरंजित अवस्था में पाई गई थी। मामले की जानकारी मिलते ही खैरागढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और प्रारंभिक तफ्तीश के बाद अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। एस पी लक्ष्य शर्मा ने प्रेस वार्ता कर बताया की पूछताछ के दौरान मृतका की पड़ोसी सविता साहू (39 वर्ष), उसकी बेटी जसिका साहू (19 वर्ष) और भतीजा दीपेश साहू (24 वर्ष) पर पुलिस को संदेह हुआ। सायबर सेल व थाना खैरागढ़ की संयुक्त टीम ने जब आरोपियों से कड़ी पूछताछ की, तो वे लगातार पुलिस को गुमराह करते रहे।

लेकिन साक्ष्य और परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर जब पूछताछ को गहन किया गया, तो तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों ने बताया कि मृतका मोहिनी साहू अक्सर सविता साहू को “टोनही” कहकर बदनाम करती थी, जिससे सविता मानसिक रूप से क्षुब्ध और अपमानित महसूस कर रही थी।

इसी अपमान का बदला लेने के लिए तीनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची। घटना वाले दिन, 26 जून को दोपहर करीब 2 बजे जब मोहिनी अपने घर में अकेली थी, तब सविता, जसिका और दीपेश छत के रास्ते से घर में घुसे। सविता और जसिका ने गाय बांधने वाली गेरुआ रस्सी से मोहिनी का गला घोंटा और पीछे से दीपेश ने धारदार हंसिए से उसके गले और चेहरे पर कई बार वार कर दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी।

हत्या के बाद तीनों आरोपी अपने घर लौट आए और खून से सने कपड़े व शरीर को धो लिया। पूछताछ के दौरान वे खुद को घटना के समय खेत में होना बता रहे थे, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त धारदार हंसिया और गला घोंटने में इस्तेमाल की गई गेरुआ रस्सी को बरामद कर जब्त कर लिया है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 332 और 103(1) के तहत न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

खैरागढ़ थाना प्रभारी और सायबर सेल की संयुक्त कार्यवाही की सराहना की जा रही है, जिन्होंने इस जघन्य हत्या की गुत्थी को महज कुछ दिनों में सुलझा लिया। यह मामला एक बार फिर राज्य में व्याप्त टोनही प्रथा और अंधविश्वास के भयावह स्वरूप को उजागर करता है।

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