भारतमाला परियोजना घोटाला: 11 जिलों के कलेक्टरों को जांच के निर्देश, 220 करोड़ की गड़बड़ी की आशंका
छत्तीसगढ़ – महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार सामने आने के बाद अब इस घोटाले की जांच पूरे राज्य में तेज़ कर दी गई है। राजस्व विभाग के सचिव अविनाश चंपावत ने राज्य के 11 जिलों के कलेक्टरों को मुआवजा घोटाले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
जिन जिलों में जांच शुरू की गई है उनमें रायपुर, दुर्ग, धमतरी, कांकेर, कोंडागांव, कोरबा, रायगढ़, जशपुर, राजनांदगांव, बिलासपुर और जांजगीर-चांपा शामिल हैं।
ईओडब्ल्यू को इस मामले में पहले की गई प्रारंभिक जांच की रिपोर्ट मिल गई है, जिसमें बताया गया है कि कुछ सरकारी अफसरों, भू-माफियाओं और प्रभावशाली लोगों ने आपसी मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज़ बनवाकर करोड़ों की मुआवजा राशि हड़प ली।
शुरुआती जांच में जहां 43 करोड़ रुपये की अनियमितता की बात सामने आई थी, वहीं अब जांच एजेंसियों को 220 करोड़ से अधिक के भ्रष्टाचार की आशंका है। अब तक 164 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन की जानकारी जांच एजेंसी को मिल चुकी है।
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने इस घोटाले को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर CBI जांच की मांग की है। उन्होंने यह मुद्दा विधानसभा बजट सत्र 2025 में भी प्रमुखता से उठाया था।

