March 7, 2026

कोयला घोटाला: निलंबित IAS रानू, सौम्या और व्यापारी सूर्यकांत समेत 12 को सुप्रीम कोर्ट से जमानत

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SC-BAIL

रायपुर – छत्तीसगढ़ में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने कोयला लेवी घोटाले में निलंबित IAS अधिकारी रानू साहू को अंतरिम जमानत दे दी। मुख्य आरोपियों की सूची में बिजनेसमैन सूर्यकांत तिवारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उप सचिव सौम्या चौरसिया भी शामिल हैं।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य आरोपियों समेत 12 आरोपियों को अंतरिम जमानत दी है। ये जमानत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) से जुड़े मामले में दी गई है। यह मामला कोयला परिवहन से अवैध वसूली का है। ED की जांच के दौरान करोड़ों रुपए की हेराफेरी का मामला सामने आया है और इसी वजह से कई लोगों की गिरफ्तारी हुई है।

ईडी की जांच रिपोर्ट और आरोपों के आधार पर ACB ने कोयला घोटाला मामले की जांच की। जहां ACB ने कार्रवाई कर पूर्व IAS रानू साहू, सौम्या चौरसिया और सूर्यकांत तिवारी को गिरफ्तार किया था। ACB ने कोयला घोटाले मामले में इन तीनों के अलावा दीपेश टॉक, राहुल कुमार सिंह,शिव शंकर नाग, हेमंत जायसवाल, चंद्रप्रकाश जायसवाल, संदीप कुमार नायक, रोशन कुमार सिंह, शेख मोइनुद्दीन कुरैशी को भी गिरफ्तार किया था।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छत्तीसगढ़ में छापेमारी कर 570 करोड़ रुपए जब्त किए। प्रवर्तन निदेशालय की जांच के दौरान पता चला कि ये मामला अवैध कोयला लेवी वसूली का है। ईडी का मानना है कि खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक आईएएस समीर बिश्नोई ने 15 जुलाई 2020 को व्यापारियों से वसूली के इरादे से कोल परिवहन में ऑनलाइन परमिट को ऑफलाइन करने का आदेश जारी किया था। घोटाले को अंजाम देने का मास्टरमाइंड कोल व्यापारी सूर्यकांत तिवारी को माना जा रहा है। इस घोटाले में निलंबित उपसचिव सौम्या चौरसिया का हाथ भी माना जा रहा है।

ईडी के मुताबिक सूर्यकांत तिवारी ने 25 रुपये प्रति टन के हिसाब से अवैध रकम वसूलने के लिए एक सिंडिकेट बनाया था। व्यापारियों से अवैध रकम वसूलने के बाद ही उन्हें खनिज विभाग से पीट पास और परिवहन पास जारी किए जाते थे। बता दें कि इस मामले की जांच जारी है और संबंधित अधिकारियों एवं व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.

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