VIDEO: किसान आत्महत्या मामला में भूपेश एक्सप्रेस ने किया बड़ा खुलासा: आत्महत्या की वजह साफ, नही मिला था टोकन… पढ़ें पूरी स्टोरी
कोंडागांव(भूपेश एक्सप्रेस)। किसान धनीराम के आत्महत्या मामले में भूपेश एक्सप्रेस न्यूज़ की पड़ताल में बड़ा खुलासा हुआ। धनीराम के साले और पत्नी ने माना टोकन मिला ही नही था। टोकन मिलने के बाद धनीराम के हताश होकर आत्महत्या करने की बात गलत…भाजपा की किसान आत्महत्या की थ्योरी हुई फेल।
कोंडागॉव के मारंगपुरी गांव के किसान धनीराम की आत्महत्या मामले में भाजपा प्रदेश सरकार को घेरने में लगी हुई है। भाजपा का कहना है कि टोकन में 11 क्विंटल धान बेचने की वजह से धनीराम से हताश था जिसकी वजह से उसने आत्महत्या कर ली। लेकिन यहाँ बात कुछ और ही हैं। धनीराम आत्महत्या मामले में भाजपा के आरोपों में कितनी सच्चाई है उसकी पड़ताल के लिये भूपेश एक्सप्रेस न्यूज़ की टीम मारंगपुरी गांव पहुंची जहां पर धनीराम के परिवार वालों से बात की तो पता चला की धनी राम को धान बेचने के लिये टोकन मिला ही नही था ।
पूर्व मंत्री लाता उसेंडी का कहना धनीराम के साले प्रेम नेताम सोसाइटी में टोकन के लिये गए थे प्रेम को वहां पता चला कि 11 क्विंटल धान खरीदा जायेगा पूरे प्रदेश में किसान का रकबा कम कर दिया गया है। ।भाजपा इन आरोपो पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि मृतक को जब टोकन मिला ही नही तो टोकन न मिलने की वजह से आत्महत्या कैसे कर सकता है? पूरे मामले की दूसरी ऐंगल से जांच की जा रही हैं। सरकार संवेदनशील है सरकार हर किसान के साथ है। धनीराम ने आत्महत्या की ये दुखद घटना है। सरकार को संवेदनशील होते हुए पीड़ित परिवार की मदद करनी चाहिये साथ ही विपक्ष राजनीति न कर सकारात्मक सोच के साथ किसानों की सरकार के साथ मिलकर समस्या हल करनी चाहिये
पूरा मामला:
छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल जिला बस्तर में कर्ज में डूबे एक किसान ने आत्महत्या कर ली थी। बस्तर संभाग के कोंडागांव जिले के बड़ेराजपुर तहसील के मारंगपुरी निवासी धनीराम (40) अपने खेत का रकबा कम होने के चलते दुखी थे। दरअसल, पटवारी ने गिरदावरी रिपोर्ट गलत निकाली थी जिसमें किसान का रकबा घट गया था जिसके चलते सौ क्विंटल धान बेचने की उम्मीद लगाए किसान को सिर्फ 11 क्विंटल की अनुमति ही मिली थी इस बात से हताश किसान धनीराम ने आत्महत्या कर ली। वह कर्ज में डूबा था।
मामले में कार्रवाई करते हुए कलेक्टर ने पटवारी को निलंबित कर दिया है। साथ ही तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जिले के कलेक्टर पुष्पेंद्र सिंह मीणा ने बताया कि अनुुविभागीय दंडाधिकारी की जांच के दौरान गिरदावरी रिपोर्ट में खामी सामने आई है इससे कई किसानों का रकबा शून्य या फिर कम हो गया है। ऐसे सभी किसानों की सूची तीन दिन के भीतर तैयार करने को कहा गया है।
बाइट: झुमुक दीवान कांग्रेस जिला अध्यक्ष कोंडागाँवबाइट: लता उसेंडी, पूर्व मंत्री भाजपाबाइट: सुमित्रा ,पत्नी मृतक

