बीजापुर में नक्सलियों के गढ़ पर सबसे बड़ा प्रहार: जंगलों से ₹65 लाख कैश, LMG-SLR समेत 32 हथियार बरामद
छत्तीसगढ़ – बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी संयुक्त कार्रवाई में भारी सफलता हासिल की है। बीजापुर पुलिस, डीआरजी, एसटीएफ, कोबरा एवं सीआरपीएफ की संयुक्त टीमों ने माओवादियों के पुराने ठिकानों और डंपों पर ताबड़तोड़ सर्च ऑपरेशन चलाकर ₹65.52 लाख नकद, अत्याधुनिक हथियार, विस्फोटक सामग्री और बड़ी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार पिछले एक माह से जिले के सुदूर और अतिसंवेदनशील इलाकों में लगातार एरिया डोमिनेशन और सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा था। ग्रामीणों के सहयोग और मजबूत खुफिया तंत्र के आधार पर सुरक्षा बलों को जंगलों में छिपाकर रखे गए माओवादी डंपों की जानकारी मिली, जिसके बाद कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
कार्रवाई में एलएमजी, एसएलआर, कार्बाइन, .303 रायफल, बीजीएल लॉन्चर और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए गए। सुरक्षा बलों ने नक्सलियों की लॉजिस्टिक सप्लाई, हथियार नेटवर्क और आईईडी निर्माण क्षमता को करारा झटका दिया है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप बीजापुर को नक्सलमुक्त बनाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस सफलता से स्पष्ट है कि क्षेत्र में शांति, विश्वास और विकास की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।
संयुक्त बलों द्वारा बरामद हथियारों में 1 एलएमजी रायफल, 4 एसएलआर, 1 कार्बाइन, 5 थ्री-नॉट-थ्री रायफल, 7 बीजीएल लॉन्चर, 1 पिस्टल और कई अन्य हथियार शामिल हैं। इसके अलावा AK-47, SLR, .303 और अन्य हथियारों के सैकड़ों जिंदा कारतूस भी जब्त किए गए हैं।
सुरक्षा बलों ने हाल ही में थाना पामेड़ क्षेत्र और नेशनल पार्क इलाके में बरामद करीब 140 किलो अमोनियम नाइट्रेट और यूरिया को सुरक्षा मानकों के तहत नष्ट भी किया। माना जा रहा है कि इन विस्फोटकों का उपयोग नक्सली आईईडी और बड़े हमलों की तैयारी में करते थे।
बीजापुर पुलिस के मुताबिक वर्ष 2025-26 में अब तक जिले से 461 हथियार बरामद किए जा चुके हैं। वहीं वर्ष 2024 से अब तक सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 234 माओवादी मारे गए, 1192 गिरफ्तार हुए और 1003 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर पुनर्वास का रास्ता चुना है।
सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा बरामद संपत्ति का है। पुलिस के अनुसार अब तक की कार्रवाई में कुल ₹7.2852 करोड़ नकद और 8.20 किलोग्राम सोना, जिसकी कीमत लगभग ₹12.80 करोड़ बताई जा रही है, बरामद किया गया है। कुल मिलाकर सुरक्षा बलों ने ₹20 करोड़ 08 लाख 52 हजार की संपत्ति जब्त की है।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि मारे गए नक्सलियों ने जंगलों और दुर्गम इलाकों में अब भी कई हथियार और विस्फोटक छिपाकर रखे हो सकते हैं। इसी को देखते हुए आने वाले दिनों में और बड़े ऑपरेशन चलाए जाएंगे।
पुलिस ने आम जनता और ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु, विस्फोटक सामग्री या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस और सुरक्षा बलों को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर क्षेत्र को पूरी तरह नक्सलमुक्त बनाया जा सके।

