May 14, 2026

छत्तीसगढ़ में विकसित भारत मिशन की तैयारियों का केंद्रीय मंत्री ने लिया जायजा, पंचायत प्रतिनिधियों से सीधा संवाद

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रायपुर – छत्तीसगढ़ में “विकसित भारत” के विजन को लेकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में भारत सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने रायपुर पहुंचकर विभागीय योजनाओं, ग्रामीण विकास कार्यों और पंचायत स्तर की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सेमीनार के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों (CSOs) और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया।

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में केंद्र सरकार द्वारा संचालित योजनाओं और श्रमिक हित में किए गए प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गांवों को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।

सेमीनार में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे पंचायत प्रतिनिधियों ने ग्रामीण विकास से जुड़े कई मुद्दों और समस्याओं को मंत्री के सामने रखा। प्रतिनिधियों ने मनरेगा भुगतान, पंचायत स्तर पर अधोसंरचना विकास, आवास योजना की स्वीकृतियों और रोजगार सृजन जैसे विषयों पर सवाल पूछे। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश देते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए।

इस दौरान विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, सचिव भीम सिंह, भारत सरकार के मनरेगा संचालक पी. शिवशंकर, आयुक्त मनरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के संचालक तारण प्रकाश सिन्हा तथा एनआरएलएम एवं स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के मिशन संचालक अश्वनी देवांगन सहित बड़ी संख्या में अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सेमीनार के बाद केंद्रीय मंत्री ने विभागीय समीक्षा बैठक भी ली। बैठक में प्रदेशभर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। मंत्री ने जिलावार कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की मंशा केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका प्रभाव गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसके लिए पंचायतों की सक्रिय भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में तकनीकी नवाचार और जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाए ताकि ग्रामीण विकास की गति और तेज हो सके।

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत निर्माण कार्यों की स्थिति, मनरेगा में रोजगार सृजन, महिला स्व-सहायता समूहों की गतिविधियां और स्वच्छता अभियान की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने निर्देश दिए कि लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण किया जाए और पंचायत स्तर पर मॉनिटरिंग व्यवस्था मजबूत की जाए।

राजधानी रायपुर में आयोजित इस कार्यक्रम को पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीण विकास से जुड़े अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यक्रम के जरिए केंद्र सरकार ने साफ संकेत दिया है कि विकसित भारत अभियान के तहत गांवों और पंचायतों की भूमिका को और अधिक मजबूत किया जाएगा।

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