April 28, 2026

50 लाख की ‘इनसाइड जॉब’ का पर्दाफाश, ड्राइवर ही निकला मास्टरमाइंड – 7 आरोपी गिरफ्तार!

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रायपुर – राजधानी में एक सनसनीखेज गबन कांड का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है, जहां भरोसे की आड़ में ही कंपनी के लाखों रुपये पर हाथ साफ कर दिया गया। इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि खुद कंपनी का ड्राइवर कृष्णा साहू निकला, जिसने अपने रिश्तेदारों और साथियों के साथ मिलकर पूरी साजिश रची और करीब 50 लाख रुपये लेकर फरार हो गया।

घटना 25 अप्रैल 2026 की दोपहर की है, जब कंपनी के एकाउंटेंट भूपेंद्र देवांगन और ड्राइवर कृष्णा साहू एमजी विंडसर कार में करीब 50 लाख रुपये लेकर बैंक जा रहे थे। बैंक बंद होने की स्थिति में वे देवपुरी स्थित निवास लौट रहे थे। रास्ते में गीतांजली नगर स्थित भारत माता मूर्ति के पास ड्राइवर कृष्णा साहू ने गुटखा लेने का बहाना बनाकर भूपेंद्र को कार से नीचे उतारा और मौका मिलते ही कार समेत पूरी रकम लेकर फरार हो गया।

यह पूरी वारदात इतनी शातिराना तरीके से अंजाम दी गई कि शुरुआत में यह एक सामान्य लूट जैसी लगी, लेकिन पुलिस की जांच ने चौंकाने वाला सच सामने ला दिया। शिकायत मिलते ही खम्हारडीह थाना पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट हरकत में आई। पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर और पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई और आरोपी की तलाश शुरू हुई।

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों की मदद से आरोपी की हर गतिविधि को ट्रैक किया गया। लगातार दबिश और निगरानी के बाद आखिरकार पुलिस ने मुख्य आरोपी कृष्णा साहू को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपी ने जो खुलासा किया, उसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। कृष्णा साहू ने स्वीकार किया कि उसने पहले से ही अपने रिश्तेदारों और साथियों के साथ मिलकर इस गबन की योजना बनाई थी। घटना के बाद उसने रकम को सभी आरोपियों में बांट दिया था, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।

पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इस गिरोह के अन्य सदस्यों की भी पहचान कर ली और कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें एक महिला भी शामिल है। आरोपियों के कब्जे से 49 लाख 50 हजार रुपये नकद, एमजी विंडसर कार और घटना में प्रयुक्त वर्ना कार जब्त की गई है। जब्त संपत्ति की कुल कीमत लगभग 66 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है।

इस पूरे मामले में थाना खम्हारडीह में अपराध क्रमांक 136/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(4), 306 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश में और कौन-कौन शामिल हो सकता है और क्या इससे पहले भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया गया है।

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