April 23, 2026

छत्तीसगढ़ कैबिनेट के 9 बड़े फैसले, UCC लागू करने की तैयारी, महिलाओं को 50% रजिस्ट्री छूट, सैनिकों को बड़ी राहत

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रायपुर – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में आज कई महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्णय लिए गए। इन फैसलों का प्रभाव राज्य की सामाजिक व्यवस्था, महिला सशक्तिकरण, उद्योग, खनन और सैनिकों के हितों पर व्यापक रूप से देखने को मिलेगा।

बैठक का सबसे बड़ा निर्णय राज्य में Uniform Civil Code (UCC) लागू करने की दिशा में पहल को लेकर रहा। मंत्रिपरिषद ने इसके लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का फैसला लिया है। यह समिति प्रदेश के विभिन्न वर्गों, संगठनों और विशेषज्ञों से सुझाव लेकर एक समान नागरिक संहिता का प्रारूप तैयार करेगी। वर्तमान में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और पारिवारिक मामलों में अलग-अलग धर्मों के अनुसार कानून लागू होते हैं, जिससे असमानता और जटिलता उत्पन्न होती है। ऐसे में UCC को लागू कर कानून को सरल, पारदर्शी और समान बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

महिलाओं के हित में सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए उनके नाम पर होने वाले भूमि पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) पर लगने वाले स्टाम्प शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया है। इस फैसले से महिलाओं को संपत्ति के स्वामित्व के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और वे आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बन सकेंगी। हालांकि इससे सरकार को करीब 153 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा, लेकिन इसे सामाजिक सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सैनिकों और उनके परिवारों को भी बड़ी राहत दी गई है। सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को राज्य में 25 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। यह निर्णय उन सैनिकों के लिए राहत लेकर आएगा, जो लंबे समय तक देश सेवा के बाद स्थायी निवास के लिए संपत्ति खरीदते हैं।

औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इस संशोधन के तहत सेवा क्षेत्र को भूमि आवंटन में स्पष्ट पात्रता मिलेगी, लैंड बैंक के भूखंडों के लिए एप्रोच रोड का प्रावधान किया गया है और NBFC जैसी वित्तीय संस्थाओं को शामिल कर उद्योगों के लिए ऋण के विकल्प बढ़ाए गए हैं। इसके अलावा PPP मॉडल को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और राज्य में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी।

खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए भी कई सख्त निर्णय लिए गए हैं। छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत नियम, 2025 में संशोधन करते हुए अब सरकारी उपक्रमों जैसे छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड को रेत खदानें आरक्षित की जा सकेंगी। इससे रेत की कमी और ठेकेदारों के एकाधिकार की समस्या को दूर करने में मदद मिलेगी।

इसके अलावा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 में भी व्यापक संशोधन किया गया है। अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर सख्त कार्रवाई के तहत अब न्यूनतम 25 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। लंबे समय से बंद या निष्क्रिय खदानों पर भी कड़े प्रावधान लागू किए गए हैं, जिससे उनका संचालन सुनिश्चित हो सके।

पशुपालन क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। दुधारू पशु प्रदाय योजना को अब सभी वर्गों के लिए लागू कर दिया गया है, जिससे अधिक से अधिक हितग्राहियों को इसका लाभ मिल सके। साथ ही पशुओं के टीकाकरण को बेहतर बनाने के लिए National Dairy Development Board की सहायक कंपनी Indian Immunologicals Limited से सीधे टीकों की खरीदी की जाएगी। इससे पशुओं में होने वाले संक्रामक रोगों की रोकथाम और उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित होगी।

वित्तीय मोर्चे पर भी एक बड़ा निर्णय लिया गया है। राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 के तहत पेंशन दायित्वों के विभाजन को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किए गए अतिरिक्त भुगतान की वापसी पर सहमति बनी है। मध्यप्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ को कुल 10,536 करोड़ रुपये लौटाएगी, जिसमें से 2,000 करोड़ रुपये पहले ही दिए जा चुके हैं, जबकि शेष राशि छह वार्षिक किश्तों में दी जाएगी।

बैठक में आगामी खरीफ सीजन के लिए उर्वरकों की उपलब्धता और राज्य में LPG गैस की आपूर्ति की स्थिति की भी समीक्षा की गई।


छत्तीसगढ़ कैबिनेट के ये फैसले राज्य में सामाजिक समानता, आर्थिक विकास, महिला सशक्तिकरण और प्रशासनिक पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में बड़े और प्रभावी कदम माने जा रहे है।

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