April 25, 2026

“सेवाएं बंद, गंदा पानी चालू और ऊपर से वसूली! Samrajya Residency में बिल्डर की दबंगई के खिलाफ भड़के रहवासी, RERA में ठोकी शिकायत”

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छत्तीसगढ़ – रायपुर के खमतराई स्थित Samrajya Residency में रहने वाले सैकड़ों परिवार इन दिनों भारी अव्यवस्था और बिल्डर की कथित मनमानी से जूझ रहे हैं। आधारशिला डेवलपर के खिलाफ रहवासियों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। मूलभूत सुविधाएं ठप होने, दूषित पानी जैसी गंभीर समस्या और इसके बावजूद जबरन मेंटेनेंस वसूली से परेशान रहवासियों ने अब सीधे RERA प्राधिकरण का दरवाजा खटखटाते हुए निर्णायक लड़ाई छेड़ दी है।

रहवासियों का आरोप है कि 01 अप्रैल 2024 से ही बिल्डर ने एकतरफा फैसला लेते हुए सुरक्षा गार्ड, सफाई व्यवस्था, गार्डन मेंटेनेंस, क्लब हाउस और बच्चों के खेलने के क्षेत्र जैसी सभी जरूरी सेवाएं बंद कर दीं। इससे पूरी सोसाइटी की व्यवस्था चरमरा गई है। हैरानी की बात यह है कि सुविधाएं बंद करने के बावजूद बिल्डर लगातार मेंटेनेंस शुल्क वसूल रहा है, जिसे रहवासी खुली लूट करार दे रहे हैं।

सबसे गंभीर और चिंताजनक मुद्दा स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। सोसाइटी में कचरा प्रबंधन पूरी तरह ठप है और नालियों की सफाई नहीं होने से गंदा पानी जमा होकर बह रहा है। रहवासियों का कहना है कि यह दूषित पानी पीने के पानी के स्रोत तक पहुंचता हुआ दिखाई दे रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए स्थिति बेहद खतरनाक बन गई है, लेकिन बिल्डर इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा।

मेंटेनेंस शुल्क को लेकर भी बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। बिना किसी पूर्व सूचना या सहमति के शुल्क को ₹1.50 प्रति वर्गफुट से बढ़ाकर ₹1.72 प्रति वर्गफुट कर दिया गया। रहवासियों का कहना है कि जब सेवाएं ही नहीं दी जा रहीं, तो शुल्क बढ़ाने का औचित्य क्या है? इस बढ़ोतरी का कोई स्पष्ट आधार या हिसाब आज तक नहीं दिया गया है।

मामले को और गंभीर बनाता है बिल्डर पर लगा भेदभाव का आरोप।

जानकारी के अनुसार, B-Block के 28 अलॉटीज़ को मार्च 2026 तक मेंटेनेंस शुल्क में छूट दी गई, जबकि अन्य ब्लॉक्स के रहवासियों से पूरा शुल्क वसूला जा रहा है। इससे सोसाइटी में भारी असंतोष है और लोग इसे खुला पक्षपात बता रहे हैं।

सोसाइटी गठन को लेकर भी स्थिति उलझी हुई है। रहवासियों का कहना है कि पहले बनाई गई सोसाइटी बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया और चुनाव के गठित की गई थी, जो अब पूरी तरह निष्क्रिय है। इसके बावजूद बिल्डर अपनी जिम्मेदारियों से बचने के लिए रहवासियों पर ही मेंटेनेंस का बोझ डालने की कोशिश कर रहा है।

हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि रहवासियों को मजबूर होकर खुद चंदा इकट्ठा कर सफाई, सुरक्षा और अन्य जरूरी काम चलाने पड़ रहे हैं। इसका पूरा रिकॉर्ड भी पारदर्शिता के साथ ऑनलाइन रखा जा रहा है, ताकि कोई सवाल न उठे।

रहवासियों का साफ कहना है कि बिल्डर का रवैया पूरी तरह मनमाना और गैर-जिम्मेदाराना है। आरोप है कि बिल्डर यह मानकर चल रहा है कि आम लोग उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पाएंगे। लेकिन अब रहवासियों ने एकजुट होकर कानूनी रास्ता अपनाया है और RERA में औपचारिक शिकायत दर्ज कर दी है।

अब नजरें RERA प्राधिकरण पर टिकी हैं। अगर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला और बड़ा रूप ले सकता है। सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार बिल्डर को कानून के दायरे में लाया जाएगा या फिर रहवासियों को इसी तरह समस्याओं के बीच जीने को मजबूर होना पड़ेगा?

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