April 25, 2026

आर्थिक सहायता के नाम पर राजनांदगांव में बड़ा ठगी कांड, संगठित गिरोह ने लोगों से ऐंठे लाखों

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राजनांदगांव – शहर में आर्थिक सहायता दिलाने के नाम पर भोली-भाली जनता से लाखों रुपए की ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले ने शहर में हड़कंप मचा दिया है। समाजवादी पार्टी के नेताओं और पीड़ितों ने संयुक्त रूप से पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस ठगी गिरोह का संचालन कथित रूप से अशरफ सिद्दीकी और दाऊद सिद्दीकी द्वारा किया जा रहा था। आरोपी पीड़ितों को मानव मंदिर चौक स्थित एक मोबाइल दुकान पर ले जाते थे, जहां उन्हें सरकारी या निजी योजना के तहत आर्थिक सहायता दिलाने का झांसा दिया जाता था। भरोसा दिलाने के बाद उनसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो और अंगूठे के निशान जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज ले लिए जाते थे।

पीड़ितों का आरोप है कि इन दस्तावेजों का दुरुपयोग करते हुए आरोपियों ने उनकी जानकारी और सहमति के बिना उनके नाम पर मोबाइल, वॉशिंग मशीन और लैपटॉप जैसे महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान फाइनेंस करा लिए। इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब पीड़ितों के पास फाइनेंस कंपनियों से किस्त जमा करने के लिए नोटिस और कॉल आने लगे। जांच में अब तक करीब 8 लाख रुपए से अधिक की धोखाधड़ी सामने आ चुकी है।

पीड़ित दुलेवर साहू ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि उनके नाम पर 80 हजार रुपए का मोबाइल फाइनेंस कराया गया, जबकि उन्हें कभी वह मोबाइल मिला ही नहीं। उन्होंने बताया कि आरोपी के मोबाइल नंबर पर ट्रूकॉलर में “छत्तीसगढ़ शासन” लिखा आता था, जिससे उन्हें लगा कि यह कोई सरकारी प्रक्रिया है और वे आसानी से झांसे में आ गए। इस खुलासे के बाद यह आशंका भी जताई जा रही है कि इस पूरे मामले में कुछ निजी फाइनेंस कंपनियों या एजेंटों की मिलीभगत हो सकती है।
मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया जब पीड़ितों ने आरोप लगाया कि आरोपियों के पिता, जो शहर के एक नामी वकील बताए जा रहे हैं, ने उन्हें धमकाने की कोशिश की। पीड़ितों के अनुसार, जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, तो उन्हें बड़े राजनीतिक नेताओं से संबंध होने का हवाला देकर डराया-धमकाया गया। इस आरोप के बाद मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है।

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. ओमप्रकाश साहू ने इस पूरे प्रकरण को बेहद गंभीर बताते हुए प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों के साथ ठगी होना कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पीड़ितों या उनके परिवार के किसी सदस्य को कोई नुकसान होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी आरोपियों और प्रशासन की होगी। उन्होंने पुलिस से तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

इस मामले में लगातार नए पीड़ित सामने आ रहे हैं, जिससे यह अंदेशा जताया जा रहा है कि ठगी का नेटवर्क काफी बड़ा और संगठित हो सकता है। कई लोग अब सामने आने से भी डर रहे हैं, जिससे वास्तविक ठगी की रकम और पीड़ितों की संख्या और अधिक हो सकती है।
फिलहाल, पुलिस ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू करने की बात कही है, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। ऐसे में आम जनता और पीड़ितों की नजरें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस संगठित ठगी गिरोह के खिलाफ कब तक सख्त कदम उठाता है और पीड़ितों को न्याय दिलाने में कितनी तेजी दिखाता है।

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