April 23, 2026

जंगल में भी भ्रष्टाचार का खेल! 50 हजार की रिश्वत लेते रेंजर- डिप्टी रेंजर रंगे हाथ गिरफ्तार

0
Screenshot_20260327_102752_copy_1080x575

छत्तीसगढ़ – मुंगेली जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई सामने आई है, जहां एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने अचानकमार टाइगर रिजर्व के सुरही रेंज में पदस्थ रेंजर और डिप्टी रेंजर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई ने वन विभाग में फैले भ्रष्टाचार की परतें खोल दी हैं।

गिरफ्तार आरोपियों में रेंजर पल्लव नायक और डिप्टी रेंजर मनीष श्रीवास्तव शामिल हैं। दोनों अधिकारियों को ACB की टीम ने 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही दबोच लिया। बताया जा रहा है कि दोनों मिलकर शिकायतकर्ता पर दबाव बना रहे थे और मामले को निपटाने के लिए मोटी रकम की मांग कर रहे थे।

जानकारी के मुताबिक, लोरमी निवासी अजीत कुमार वैष्णव ने इस पूरे मामले की शिकायत ACB बिलासपुर में दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि वन विभाग के इन अधिकारियों ने जब्त किए गए वाहन को छोड़ने और चालान पेश करने के एवज में 70 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। लंबे समय तक परेशान किए जाने के बाद पीड़ित ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई और ACB से संपर्क किया।

ACB ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जाल बिछाया और योजना के तहत जैसे ही आरोपियों ने 50 हजार रुपए की पहली किश्त ली, टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है।

मामले की पृष्ठभूमि भी काफी दिलचस्प और चौंकाने वाली है। दिसंबर 2025 में शिकायतकर्ता अपने दोस्तों के साथ अचानकमार टाइगर रिजर्व घूमने गया था। इस दौरान एयर गन से फायरिंग करते हुए एक वीडियो (रील) बनाया गया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो वायरल होते ही वन विभाग हरकत में आया और कार्रवाई करते हुए वाहन को जब्त कर लिया गया। इतना ही नहीं, शिकायतकर्ता को करीब 18 दिनों तक जेल में भी रहना पड़ा।

लेकिन इसके बाद शुरू हुआ असली खेल—रिहाई और वाहन छोड़ने के नाम पर अधिकारियों ने खुलेआम रिश्वत की मांग शुरू कर दी। कानून का डर दिखाकर और केस को उलझाकर पीड़ित से पैसे ऐंठने की कोशिश की गई।

ACB की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि जंगल की रक्षा करने वाले ही अगर भ्रष्टाचार में लिप्त होंगे, तो व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। अब दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed