“पूनामार्गेम” से बदल रही तस्वीर: 18 इनामी माओवादी कैडर ने डाले हथियार, पापाराव समेत मुख्यधारा में वापसी
जगदलपुर – बस्तर में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ चल रहे निर्णायक अभियान को बड़ी सफलता मिली है। “पूनामार्गेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के तहत दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े 18 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में वापसी कर ली है। इनमें 7 महिला कैडर भी शामिल हैं।
इस ऐतिहासिक आत्मसमर्पण में संगठन के वरिष्ठ नेता पापाराव (SZCM) सहित कई शीर्ष स्तर के पदाधिकारी शामिल हैं, जिन पर कुल मिलाकर 87 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह कदम माओवादी संगठन की सैन्य क्षमता को लगभग शून्य के करीब पहुंचाने वाला साबित हो सकता है।
18 घातक हथियार और 12 लाख कैश बरामद
आत्मसमर्पण के दौरान कैडरों ने AK-47, SLR, INSAS सहित कुल 18 घातक हथियार और 12 लाख रुपये नकद सरकार को सौंपे। बरामद हथियारों में 8 AK-47, 1 SLR, 1 INSAS, 4 .303 राइफल, 1 पिस्टल, 2 सिंगल शॉट और 1 BGL लॉन्चर शामिल हैं। यह बरामदगी माओवादी नेटवर्क के कमजोर पड़ने का स्पष्ट संकेत मानी जा रही है।
शौर्य भवन में हुआ भव्य कार्यक्रम
यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम शौर्य भवन पुलिस कोऑर्डिनेशन सेंटर में आयोजित किया गया, जहां पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में सभी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, आईजी बस्तर रेंज सुंदरराज पी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
मिशन 2026 निर्णायक मोड़ पर
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि “मिशन 2026” अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। 1 जनवरी 2024 से 25 मार्च 2026 तक कुल 2756 माओवादी कैडर आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जो क्षेत्र में तेजी से बदलते हालात का संकेत है।
पापाराव का समर्पण सबसे बड़ा झटका
करीब तीन दशक से संगठन में सक्रिय रहे पापाराव ने 1997 में माओवादी संगठन जॉइन किया था और कई बड़े हमलों में शामिल रहा। उसके खिलाफ बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा में 48 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसका आत्मसमर्पण माओवादी ढांचे के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
सरकार देगी पुनर्वास और नई जिंदगी
सरकार की आत्मसमर्पण नीति के तहत सभी कैडरों को आर्थिक सहायता, कौशल विकास, आवास, शिक्षा और रोजगार के अवसर दिए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि इसका उद्देश्य भटके युवाओं को सम्मानजनक जीवन देकर समाज में पुनः स्थापित करना है।
बाकी माओवादियों से अपील
पुलिस ने शेष माओवादी कैडरों से अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटें। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि आत्मसमर्पण करने वालों को पूरी सुरक्षा और बेहतर भविष्य दिया जाएगा।
बस्तर में इस सामूहिक आत्मसमर्पण को नक्सल विरोधी अभियान की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जा रहा है, जिसने क्षेत्र में शांति और विकास की नई उम्मीद जगा दी है।

