बस्तर में माओवादियों का नया प्रेस नोट जारी: माड़ डिवीजन कमेटी की सचिव रणीता बोलीं – “आत्मसमर्पण नहीं करेंगे”, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
बस्तर – छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में माओवादी संगठन ने एक बार फिर अपनी सक्रियता का संकेत देते हुए नया प्रेस नोट जारी किया है। माओवादियों की माड़ डिवीजन कमेटी की सचिव रणीता के नाम से जारी इस प्रेस नोट में स्पष्ट कहा गया है कि संगठन किसी भी परिस्थिति में आत्मसमर्पण नहीं करेगा। प्रेस नोट सामने आने के बाद क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और जंगलों में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है।

माओवादी संगठन की ओर से जारी इस प्रेस नोट में सरकार और सुरक्षा बलों पर कई आरोप लगाए गए हैं। रणीता ने कहा है कि सरकार आदिवासी इलाकों में दमनकारी नीति अपना रही है और विकास के नाम पर आदिवासियों की जमीन छीनी जा रही है। प्रेस नोट में यह भी दावा किया गया है कि माओवादी संगठन आदिवासियों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहा है और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
प्रेस नोट में आत्मसमर्पण की नीति को भी माओवादियों ने खारिज किया है। रणीता ने लिखा है कि सरकार आत्मसमर्पण और पुनर्वास की नीति के जरिए माओवादी आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, लेकिन संगठन का कोई भी सदस्य इस जाल में नहीं फंसेगा। उन्होंने कहा कि माओवादी अपने विचारों और आंदोलन के लिए अंत तक संघर्ष करते रहेंगे।
इधर इस प्रेस नोट के सामने आने के बाद बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है। पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने जंगलों में सर्चिंग अभियान तेज कर दिया है। खुफिया एजेंसियां भी इस प्रेस नोट की जांच कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इसे किस इलाके से जारी किया गया है।
सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि हाल ही में बस्तर में नक्सल विरोधी अभियानों में तेजी आई है, जिसके चलते माओवादी संगठन दबाव में है। कई इलाकों में लगातार मुठभेड़ और सर्च ऑपरेशन चल रहे हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में नक्सलियों के आत्मसमर्पण की घटनाएं भी सामने आई हैं। माना जा रहा है कि इसी दबाव के चलते माओवादियों ने यह प्रेस नोट जारी कर अपने कैडर का मनोबल बनाए रखने की कोशिश की है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक माओवादियों के किसी भी बयान को हल्के में नहीं लिया जा सकता। इसलिए सुरक्षा बल लगातार इलाके में निगरानी बढ़ा रहे हैं। बस्तर के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती भी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी संभावित घटना को रोका जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि माओवादियों द्वारा प्रेस नोट जारी करना उनकी रणनीति का हिस्सा होता है। इसके जरिए वे अपने समर्थकों तक संदेश पहुंचाने और संगठन के भीतर एकजुटता बनाए रखने की कोशिश करते हैं। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां भी अब इन गतिविधियों पर कड़ी नजर रखे हुए हैं।
फिलहाल बस्तर क्षेत्र में स्थिति पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं। पुलिस का कहना है कि माओवादियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और क्षेत्र में शांति एवं विकास सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

