चार राज्यों में चुनावी बिगुल: तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोटिंग, असम-केरल-पुडुचेरी में 9 अप्रैल, बंगाल में दो चरण में मतदान; 4 मई को आएंगे नतीजे
छत्तीसगढ़ – देश की राजनीति एक बार फिर चुनावी रंग में रंगने जा रही है। चुनाव आयोग ने चार महत्वपूर्ण राज्यों असम, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। चुनावी कार्यक्रम सामने आते ही इन राज्यों में सियासी हलचल तेज हो गई है और राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
चुनाव आयोग के अनुसार असम, केरल और पुडुचेरी में एक ही चरण में 9 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा। वहीं तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। इसके अलावा सबसे ज्यादा राजनीतिक रूप से चर्चित राज्य पश्चिम बंगाल में चुनाव दो चरणों में कराए जाएंगे। सभी राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
चुनावी राज्यों में बढ़ी सियासी सरगर्मी
चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही इन राज्यों में राजनीतिक दलों की सक्रियता काफी बढ़ गई है। विभिन्न पार्टियों के नेता लगातार जनसभाएं और रैलियां कर रहे हैं। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है।
तमिलनाडु में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ दल और विपक्षी गठबंधन के बीच माना जा रहा है। राज्य की राजनीति में द्रविड़ पार्टियों का दबदबा रहा है और इस बार भी चुनाव बेहद रोचक होने की संभावना जताई जा रही है। 23 अप्रैल को होने वाले मतदान को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी चुनावी रणनीति पर तेजी से काम शुरू कर दिया है।
असम, केरल और पुडुचेरी में एक चरण में मतदान
असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान कराया जाएगा। इन राज्यों में चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है।
असम में सत्तारूढ़ सरकार अपने कामकाज के आधार पर जनता से दोबारा समर्थन मांग रही है, जबकि विपक्ष सरकार को घेरने के लिए लगातार मुद्दे उठा रहा है।
केरल में परंपरागत रूप से सत्ता का परिवर्तन देखने को मिलता है, इसलिए यहां चुनावी परिणामों को लेकर हमेशा उत्सुकता बनी रहती है।
वहीं पुडुचेरी में भी इस बार कई दलों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।
पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान
सबसे ज्यादा राजनीतिक चर्चा पश्चिम बंगाल को लेकर है। यहां चुनाव दो चरणों में होंगे, जिससे राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला और भी तीखा होने की संभावना है।
राज्य में पहले से ही राजनीतिक बयानबाजी तेज है और चुनावी तारीखों की घोषणा के बाद यह और ज्यादा आक्रामक हो गई है। सत्तारूढ़ दल और विपक्ष दोनों ही जनता के बीच जाकर अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
चुनाव आयोग की तैयारी पूरी
चुनाव आयोग ने सभी राज्यों में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान कराने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ मतदान केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है, जिसके बाद सरकारी घोषणाओं और योजनाओं पर निगरानी रखी जाएगी।
4 मई को आएंगे नतीजे
चारों राज्यों में मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद 4 मई को मतगणना होगी और उसी दिन चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। नतीजों के साथ ही यह साफ हो जाएगा कि किस राज्य में किस पार्टी की सरकार बनने जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन चुनावों के नतीजे आने वाले समय की राष्ट्रीय राजनीति पर भी असर डाल सकते हैं। फिलहाल सभी दलों की नजर जनता के मूड पर टिकी हुई है और आने वाले दिनों में चुनावी माहौल और भी गर्म होने की संभावना है।

