खबर का बड़ा असर: निसदा की 7 फर्शी खदानों पर चला प्रशासन का डंडा, कलेक्टर ने सभी पट्टे किए निरस्त
रिपोर्ट – बिप्लव दत्ता
रायपुर। आरंग क्षेत्र के ग्राम निसदा में फर्शी पत्थर खदानों में चल रहे अनियमित खनन को लेकर प्रकाशित खबर का बड़ा असर हुआ है। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और कलेक्टर ने सख्त कार्रवाई करते हुए निसदा की सभी 7 फर्शी खदानों के पट्टे निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया है।

दरअसल इन खदानों में लंबे समय से नियमों को ताक पर रखकर उत्खनन किया जा रहा था। खदानों से निकलने वाले वेस्ट पत्थरों को सीधे नदी किनारे डंप किया जा रहा था, जिससे नदी का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ रहा था। जानकारी के मुताबिक इस वेस्ट मटेरियल के कारण नदी का किनारा करीब 200 मीटर तक पट चुका था, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका थी।

मामले को लेकर ग्रामीणों ने पहले भी कई बार शिकायत की थी। खबर सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने जांच कराई, जिसमें नियमों के खिलाफ खनन और पर्यावरणीय उल्लंघन की पुष्टि हुई। इसके बाद प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए सभी खदानों के पट्टे निरस्त कर दिए।
सूत्रों के मुताबिक इस पूरे मामले में खदान संचालकों के खिलाफ करीब 30 करोड़ 40 लाख रुपए का प्रकरण भी तैयार किया गया है। साथ ही आगे भी अवैध उत्खनन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

इधर इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दायर की गई है, जिसमें नदी किनारे डाले जा रहे वेस्ट मटेरियल और अवैध खनन को लेकर सवाल उठाए गए हैं। कोर्ट ने भी प्रशासन और खनिज विभाग से जवाब मांगा है।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया है, जबकि स्थानीय ग्रामीणों ने इसे पर्यावरण और नदी को बचाने की दिशा में बड़ा कदम बताया है।

