सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलेगी, बच्चे पहनेंगे आधुनिक और कलरफुल गणवेश
( रिपोर्ट – बिप्लव दत्ता ) रायपुर – छत्तीसगढ़ के शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थियों के लिए आने वाला शैक्षणिक सत्र कई मायनों में खास होने वाला है। अब सरकारी स्कूलों के बच्चे भी निजी स्कूलों की तरह आधुनिक, आकर्षक और कलरफुल गणवेश में नजर आएंगे। राज्य सरकार ने पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए नई डिजाइन की गणवेश लागू करने का निर्णय लिया है, जिससे स्कूलों का माहौल और बच्चों का आत्मविश्वास दोनों बदलेगा।
नई गणवेश में ग्रे रंग की पैंट और रॉयल ब्लू रंग की चेकदार शर्ट शामिल की गई है। यह डिजाइन न केवल देखने में आकर्षक है, बल्कि गुणवत्ता और टिकाऊपन के मानकों पर भी खरी उतरेगी। इस पूरी योजना का क्रियान्वयन हाथकरघा एवं वस्त्र विभाग के माध्यम से किया जा रहा है।

पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद बड़ा फैसला
जानकारी के अनुसार, पिछले शैक्षणिक सत्र में इस नई गणवेश को सरगुजा और बिलासपुर संभाग में प्रयोग के तौर पर लागू किया गया था। वहां छात्रों, अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन से मिले सकारात्मक फीडबैक के बाद सरकार ने इसे पूरे प्रदेश में लागू करने का निर्णय लिया है।
58 लाख गणवेश, अब तक का सबसे बड़ा अभियान
इस योजना के तहत हाथकरघा विभाग को लगभग 58 लाख गणवेश तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है। इसे राज्य के शिक्षा क्षेत्र में अब तक के सबसे बड़े गणवेश वितरण अभियानों में से एक माना जा रहा है।
महिला स्व सहायता समूहों को मिलेगा आर्थिक संबल
योजना का सबसे मजबूत पक्ष यह है कि इससे सीधे तौर पर महिला स्व सहायता समूहों (SHG) को रोजगार मिलेगा। हाथकरघा विभाग के अंतर्गत पंजीकृत करीब 2000 स्व सहायता समूहों को स्कूल गणवेश सिलाई का कार्य सौंपा गया है। पुराने पंजीकृत समूहों को 1000 यूनिफॉर्म, नए समूहों को प्रारंभिक चरण में 500 यूनिफॉर्म तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। जो नए समूह समय-सीमा और गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरेंगे, उन्हें आगे और अधिक ऑर्डर दिए जाएंगे।

शिक्षा के साथ रोजगार की भी मजबूत पहल
इस योजना से एक ओर जहां सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को समान, बेहतर और गरिमापूर्ण गणवेश मिलेगा, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की हजारों महिलाओं को स्थायी आजीविका का अवसर प्राप्त होगा। शिक्षा, स्थानीय उत्पादन और महिला सशक्तिकरण को एक साथ जोड़ने वाली यह पहल राज्य सरकार की दीर्घकालिक और जनहितकारी सोच को दर्शाती है।

