छत्तीसगढ़ में खाकी पर सवाल!1400 पन्नों की जांच के बाद भी PHQ में अटकी फाइल, DSP कल्पना वर्मा मामले में तार दुबई तक जुड़े
( रिपोर्ट – बिप्लाव दत्ता ) छत्तीसगढ़ – चर्चित DSP कल्पना वर्मा से जुड़ा मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। सूत्रों के मुताबिक, करीब 1400 पन्नों की विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार होने के बावजूद PHQ में फाइल आगे नहीं बढ़ पा रही। कार्रवाई के नाम पर आला अधिकारियों के हाथ-पैर फूलते नजर आ रहे हैं, जबकि ज़मीनी स्तर पर सवाल और गहरे होते जा रहे हैं।
निर्णय की घड़ी आते ही सिस्टम ब्रेक
बताया जा रहा है कि जांच में कई चौंकाने वाले बिंदु सामने आए हैं, लेकिन निर्णय की घड़ी आते ही सिस्टम ब्रेक पर चला गया। अंदरखाने चर्चा है कि मामले के तार दुबई तक जुड़े होने की बात सामने आने से अधिकारियों में असहजता बढ़ गई है। हालांकि, आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है।
PHQ की फाइलें धूल फांक
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जांच पूरी है, तो कार्रवाई क्यों नहीं?
क्या यह प्रभावशाली नेटवर्क का दबाव है, या फिर ऊपर तक पहुंचने वाले नामों का डर? PHQ की फाइलें धूल फांक रही हैं और जनता जवाब चाहती है। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि सरकार और पुलिस मुख्यालय कब फैसला लेते हैं, या फिर यह मामला भी फाइलों के बोझ तले दबकर रह जाएगा।
क्या है मामला DSP कल्पना वर्मा और कारोबारी दीपक टंडन का विवाद, लव-ट्रैप और वसूली के आरोप
पदस्थ डीएसपी कल्पना वर्मा और होटल कारोबारी दीपक टंडन के बीच चल रहा विवाद इन दिनों सुर्खियों में है। कारोबारी दीपक टंडन ने डीएसपी पर लव-ट्रैप में फंसाकर करोड़ों रुपये की वसूली और ब्लैकमेलिंग का गंभीर आरोप लगाया है, वहीं डीएसपी कल्पना वर्मा ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और झूठा बताया है। दीपक टंडन का आरोप है कि डीएसपी कल्पना वर्मा से उसकी नजदीकियां बढ़ीं और इसी दौरान उसे मानसिक दबाव में लेकर लगभग 2 से 2.5 करोड़ रुपये, महंगे गहने, हीरे की अंगूठी, ब्रैसलेट और एक लग्ज़री कार देने के लिए मजबूर किया गया। कारोबारी का यह भी दावा है कि जब उसने और मांगें पूरी करने से इनकार किया, तो उस पर झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी गई।
दीपक टंडन ने पुलिस को व्हाट्सएप चैट, सीसीटीवी फुटेज, पेन ड्राइव और अन्य डिजिटल सबूत सौंपने का दावा किया है। उसने यह भी कहा कि उसे पत्नी से तलाक लेने का दबाव बनाया गया। वहीं दूसरी ओर, डीएसपी कल्पना वर्मा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप मानहानि और साजिश का हिस्सा हैं। उनका कहना है कि कथित लेन-देन और दिए गए सबूत छेड़छाड़ किए हुए और फर्जी हैं। उन्होंने कारोबारी दीपक टंडन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।
मामले ने उस वक्त और गंभीर मोड़ ले लिया जब जांच से जुड़ी रिपोर्ट में यह दावा सामने आया कि डीएसपी कल्पना वर्मा द्वारा नक्सल विरोधी ऑपरेशन से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा किए जाने की भी जांच हुई है। बताया जा रहा है कि इस संबंध में करीब 1400 पन्नों की रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजी गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, फिलहाल दोनों पक्षों से बयान लिए गए हैं और मामले की प्रारंभिक जांच जारी है। अभी तक किसी पक्ष पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
फिलहाल यह मामला पुलिस विभाग की साख, कानून व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ा होने के कारण बेहद संवेदनशील बना हुआ है। पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है।

