6 महिला समेत 9 नक्सलियों ने किया सरेंडर, 3 एके-47, 2 एसएलआर और एक 303 राइफल सहित अन्य सामग्री भी प्रशासन को सौंप दी
गरियाबंद – नक्सल गतिविधियों को एक बड़ा झटका लगा है। जिले के अंतिम पंक्ति क्षेत्र में सक्रिय 9 नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के सामने सामूहिक रूप से आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में 6 महिला और 3 पुरुष नक्सली शामिल हैं। इन नक्सलियों ने अपने साथ मौजूद 3 एके-47, 2 एसएलआर और एक 303 राइफल सहित अन्य सामग्री भी प्रशासन को सौंप दी।
यह पूरा घटनाक्रम राजा डेरा क्षेत्र में हुआ। एक दिन पहले ही गरियाबंद जिले के पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर्य यहां पहुंचे थे और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया था। सोमवार सुबह करीब 11 बजे नक्सली उसी स्थान पर पहुंचे और आत्मसमर्पण की प्रक्रिया शुरू हुई। इस दौरान मध्यस्थ की अहम भूमिका रही, जिनके आग्रह पर मीडिया की मौजूदगी भी सुनिश्चित की गई थी।
आत्मसमर्पण के बाद सभी नक्सलियों को एक ट्रेवलर वाहन से जिला मुख्यालय लाया गया। यहां उन्होंने आईजी अमरेश मिश्रा के समक्ष औपचारिक रूप से हथियार डालते हुए राज्य सरकार की नक्सली समर्पण नीति को स्वीकार किया। इसके बाद आईजी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी दी।
आईजी अमरेश मिश्रा ने कहा कि फिलहाल प्रशासन औपचारिक रूप से गरियाबंद जिले को नक्सलमुक्त घोषित नहीं कर सकता, लेकिन यह स्पष्ट है कि जिले में सक्रिय नक्सलियों की सूची अब लगभग समाप्त हो चुकी है। उन्होंने भरोसा जताया कि गणतंत्र दिवस तक गरियाबंद को नक्सलमुक्त जिला घोषित किया जा सकता है।
गौरतलब है कि इससे पहले भालूडीगी और राजा डेरा क्षेत्र में हुई मुठभेड़ों में दो सीसी मेंबर समेत 20 से अधिक नक्सली मारे जा चुके हैं। इन्हीं पहाड़ियों में यह नक्सली समूह पिछले कुछ महीनों से सक्रिय था, जिसकी गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क थीं।

