छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र का पहला दिन, सदन में अजय चंद्राकर ने अपनी ही सरकार को घेरा
रायपुर – छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र के पहले दिन सदन में दीर्घकालिक विकास की रूपरेखा ‘छत्तीसगढ़ विजन–2047’ से चर्चा की शुरुआत हुई. सरकार की ओर से इसे राज्य के भविष्य की दिशा तय करने वाला दस्तावेज बताया गया, लेकिन चर्चा के दौरान सत्तापक्ष के भीतर ही असहजता के संकेत दिखाई दिए.
कुरुद विधानसभा सीट से भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने चर्चा के दौरान अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली और कमियों पर सवाल उठा दिया. अपनी ही सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए चंद्राकर ने बंद शोधपीठ को लेकर जोरदार हमला बोला. अजय चंद्राकर ने सवाल उठाते हुए कहा कि अब ऐसी स्थिति आ गई है कि शोधपीठ के अध्ययन के लिए भी एक नई शोध पीठ बनाई जाए, या फिर सभी को बंद कर दिया जाए.उनके तीखे तेवरों से सदन में सियासी तापमान बढ़ गया और सत्ता पक्ष के भीतर मंथन के संकेत दिखाई पड़ने लगे.
चार दिवसीय इस शीतकालीन सत्र में आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण विधेयकों, नीतिगत मुद्दों और राजनीतिक सवालों पर तीखी बहस होने की संभावना जताई जा रही है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव के संकेत सत्र के पहले दिन से ही साफ नजर आने लगे हैं. 14 से 17 दिसंबर तक शीतकालीन सत्र का आयोजन जा रहा है.

