March 6, 2026

स्कूल में पुस्तक की कमी दूर करने के बजाय सहायक शिक्षक को निलंबित करना तानाशाही – प्रवक्ता धनंजय ठाकुर

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रायपुर – कुरूद ब्लाक के नारी प्राथमिक स्कूल के सहायक शिक्षक ढालू राम साहू के निलंबन रद्द करने की मांग करते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि कुरूद ब्लाक के नारी प्राथमिक शाला के सहायक शिक्षक ढालू राम साहू ने स्कूलों में पुस्तक नहीं होने की पीड़ा को व्यक्त किया है, यह सच्चाई है छमाही परीक्षा नजदीक है फिर बिना पुस्तक कैसे परीक्षा होगी? स्कूलों में पुस्तकों की कमी सरकार की नाकामी है, शिक्षक का क्या दोष? वो एक जिम्मेदार होने का फर्ज अदा किया है। ऐसे में सरकार पुस्तक की कमी दूर करने के बजाए शिक्षक को निलंबित कर अपने अलोकतांत्रिक चरित्र को प्रदर्शित किया है, ये तानाशाही है। सहायक शिक्षक ढालू राम साहू के निलंबन को तत्काल रद्द किया जाए।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि साय सरकार का चरित्र आलोकतांत्रिक हो गया है सरकार की कमियों को उजागर करने वालो को प्रताड़ित किया जा रहा। स्कूल खुले पांच महीने हो गए स्कूलों में छमाही परीक्षा शुरू होने वाली है। तीन महीने बाद शिक्षा सत्र खत्म हो जाएगा लेकिन अभी तक स्कूलों में किताबें नहीं पहुंची है। इस मामले को धमतरी के एक शिक्षक ने अपने सोशल मीडिया पर लिख दिया तो उनको निलंबित कर दिया। सहायक शिक्षक ढालु राम ने गलत क्या लिखा है, उन्होंने सरकार को आईना दिखाया है, जो जिम्मेदार है, चाहे मंत्री, कलेक्टर या डीईओ उनके तनख्वाह काटने की मांग की है। राज्योत्सव में करोड़ों खर्च करने वाली सरकार बच्चों को किताब नहीं दे पा रही तो सवाल उठेंगे ही।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा की सरकार में शिक्षा व्यवस्था जर्जर हो चुकी है, स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, पुस्तकों की कमी है, इन अव्यवस्थाओं को सुधारने के बजाय सरकार दमनकारी कार्यवाही कर रही है, निंदनीय है। स्कूल खुलने के दौरान पूरे प्रदेश में देखा गया छात्र, शिक्षकों की कमी को लेकर पुस्तकों की कमी को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे थे, स्कूलों में तालाबंदी कर थे, उसके बावजूद सरकार में बैठे लोगों के कान में जु नही रेंगा।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि सहायक शिक्षक ढालू राम साहू ने सही सवाल उठाया है, राज्योस्त्व में अपने नेताओ को खुश करने के लिए भाजपा की सरकार ने करोड़ों रुपया पानी की तरह बहा दिया। लेकिन स्कूलों में पुस्तकों, शिक्षकों की कमी दूर नहीं किया। बिना पुस्तक, बिना शिक्षक आखिर शिक्षा की गुणवत्ता कैसे सुधरेगा, प्रदेश के भविष्य कैसे तैयार होगा? कांग्रेस मांग करती है सभी स्कूलों में पर्याप्त पुस्तक और शिक्षक की व्यवस्था किया जाए और सहायक शिक्षक का निलंबन वापस लिया जाए।

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