March 7, 2026

तेरहवीं भोज बना मौत का कारण,फूड प्वाइजनिंग से पांच ग्रामीणों की मौत,स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच में जुटी

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छत्तीसगढ़ – नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र के डूंगा गांव से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक ग्रामीण परिवार के तेरहवीं भोज के बाद फूड प्वाइजनिंग की वजह से पांच लोगों की मौत हो गई है, जबकि 25 से ज्यादा ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ गई है। मृतकों में दो महिलाएं और दो महीने की बच्ची भी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंच चुकी है और गांव में आपात स्वास्थ्य शिविर लगाकर बीमारों का इलाज जारी है।

मिली जानकारी के मुताबिक, 14 अक्टूबर को डूंगा गांव के घोटपारा में एक ग्रामीण के घर तेरहवीं का भोज आयोजित किया गया था। पूरे गांव के लोग इस भोज में शामिल हुए थे। लेकिन खाना खाने के कुछ ही घंटों बाद कई ग्रामीणों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने लगी।

शुरुआत में ग्रामीणों ने इसे सामान्य समझकर गांव के सिरहा-गुनिया (परंपरागत वैद्य) से इलाज कराया, लेकिन हालत बिगड़ती चली गई। छह दिनों के भीतर पांच ग्रामीणों की मौत हो गई, जिनमें 2 माह की बच्ची बेबी, महिलाएं बुधरी (25) और उर्मिला (25) तथा पुरुष बुधराम (24) और लख्खे (45) शामिल हैं।

जैसे ही घटना की जानकारी प्रशासन को मिली, नारायणपुर और बीजापुर जिलों की स्वास्थ्य विभाग की टीम संयुक्त रूप से गांव पहुंची। चूंकि डूंगा गांव दोनों जिलों की सीमा पर है, इसलिए दोनों ओर से चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को तैनात किया गया। गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाकर बीमारों का उपचार किया जा रहा है। टीम ने घर-घर जाकर जांच की और सभी पीड़ितों को दवाएं दीं। प्रशासन ने स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी है और सभी मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने गांव के पेयजल स्रोतों और भोज में इस्तेमाल किए गए खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं। प्रारंभिक जांच में फूड प्वाइजनिंग की पुष्टि हुई है, लेकिन अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही असली कारण स्पष्ट होगा।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि “रिपोर्ट आने के बाद ही यह पता चलेगा कि गड़बड़ी कहां हुई। स्वास्थ्य टीम मौके पर है और सभी बीमारों को हर संभव सहायता दी जा रही है।”

इस घटना के बाद डूंगा गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। कई ग्रामीण अभी भी अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं। प्रशासन ने गांव में अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र स्थापित कर दिया है और पेयजल स्रोतों की जांच तेज कर दी है।

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