सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की छत्तीसगढ़ सरकार की खेल किट निविदा, बताई मनमानी और भेदभावपूर्ण
सुप्रीम कोर्ट
छत्तीसगढ़ – सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों को खेल किट आपूर्ति के लिए जारी की गई निविदा को रद्द कर दिया है। न्यायालय ने इसे मनमाना, अनुचित और भेदभावपूर्ण करार देते हुए कहा कि इसका बच्चों को खेल सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कोई तर्कसंगत संबंध नहीं है।

न्यायालय ने कहा कि निविदा की शर्तें संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 19(1)(जी) (व्यवसाय की स्वतंत्रता) का उल्लंघन करती हैं। अदालत ने टिप्पणी की कि शासन की किसी भी निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
रद्द हुए उच्च न्यायालय के आदेश और निविदा अधिसूचना
सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के 11 और 12 अगस्त 2025 को पारित आदेशों को निरस्त करते हुए 21 जुलाई 2025 को जारी निविदा अधिसूचना को भी अमान्य कर दिया है।
यह निविदा राज्य के शासकीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को खेल किट उपलब्ध कराने हेतु जारी की गई थी।
सरकार को नई निविदा जारी करने की अनुमति
हालांकि, न्यायालय ने राज्य सरकार को नई प्रक्रिया अपनाने की अनुमति दी है। अदालत ने कहा कि सरकार चाहे तो नई, निष्पक्ष और पारदर्शी शर्तों के साथ निविदा जारी कर सकती है।
“यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि प्रतिवादी (राज्य सरकार) नई निविदाएं आमंत्रित करने हेतु स्वतंत्र हैं।” – सुप्रीम कोर्ट
प्रभाव
इस निर्णय के बाद स्कूल शिक्षा विभाग की खेल किट आपूर्ति योजना पर फिलहाल रोक लग गई है। नई निविदा जारी होने तक बच्चों को खेल सामग्री वितरण की प्रक्रिया स्थगित रहेगी।
न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि यह निर्णय जनहित और संवैधानिक समानता के सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

