ACB-EOW Raid: छत्तीसगढ़ में कोयला व्यापारी के घर सुबह से चल रही जांच, कई अहम दस्तावेज किए गए हैं जब्त
छत्तीसगढ़ – ACB-EOW ने रविवार को एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की। रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग के बाद अब जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा में अम्बेडकर चौक स्थित कोयला व्यापारी के घर छापा मारा गया। सुबह से जारी इस कार्रवाई में 12 सदस्यीय टीम दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, छापेमारी जिस घर में की गई, वह जयचंद कोसले का है, जो कांग्रेस शासनकाल में सचिवालय में सहायक ग्रेड-2 के पद पर पदस्थ थे। बताया जा रहा है कि उनका बेटा कोयले का कारोबार करता है। टीम का नेतृत्व डीएसपी अजितेश सिंह कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, घर से कोयला लेवी घोटाले से जुड़े कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
EOW ने शराब कारोबारियों पर भी कसा शिकंजा
जहां अकलतरा में कोयला व्यापारी पर दबिश दी गई, वहीं दूसरी ओर रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में शराब घोटाले से जुड़े कारोबारियों के 10 ठिकानों पर ईओडब्ल्यू ने छापा मारा। राजधानी रायपुरा के शिव विहार कॉलोनी स्थित शराब कारोबारी अवधेश यादव का घर भी इसमें शामिल है। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि एजेंसियां दोनों बड़े घोटालों की परतें खोलने में पूरी तरह सक्रिय हैं।
कोयला लेवी स्कैम छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा घोटाला माना जा रहा है। आरोप है कि वरिष्ठ राजनेताओं और नौकरशाहों की मिलीभगत से ऑनलाइन मिलने वाले कोयला परिवहन परमिट को ऑफलाइन कर दिया गया था। इसके बाद ट्रांसपोर्टरों से हर टन पर 25 रुपये की अवैध वसूली की जाने लगी।
खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक IAS समीर बिश्रोई ने यह आदेश जारी किया था। माना जाता है कि कोयला व्यापारी सूर्यकांत तिवारी इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड था। केवल उन्हीं व्यापारियों को परिवहन पास मिलता था, जिन्होंने लेवी दी हो। इस अवैध वसूली से करीब 570 करोड़ रुपय जुटाए गए।
जांच में यह सामने आया है कि इस रकम का इस्तेमाल नेताओं और अफसरों को रिश्वत देने के साथ-साथ चुनावी खर्च में भी किया गया। इसके अलावा आरोपियों ने इस रकम से जमीन, मकान और अन्य चल-अचल संपत्तियां भी खरीदीं।

