शराब घोटाला : 28 आबकारी अधिकारियों की गिरफ्तारी की तैयारी,पूर्व मंत्री-IAS और कारोबारी समेत 15 आरोपी जेल में
छत्तीसगढ़ – बहुचर्चित शराब घोटाला अब नए मोड़ पर पहुँच चुका है। EOW ने 28 आबकारी अधिकारियों पर शिकंजा कसने की तैयारी तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार, इन अधिकारियों से जल्द ही पूछताछ और गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू होगी
इस घोटाले में EOW ने अब तक 22 आबकारी अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। सभी को राज्य सरकार ने सस्पेंड कर दिया है। आरोप है कि ये अफसर शराब सिंडिकेट का हिस्सा थे और घोटाले से सीधा 88 करोड़ रुपए कमाए। अब जांच का दायरा बढ़ाकर 28 अधिकारियों तक पहुँच चुका है।
जांच एजेंसी के आरोप पत्र में साफ हुआ कि यह पूरा खेल केवल कारोबारियों का नहीं था बल्कि आबकारी विभाग और राजनीतिक हलकों की मिलीभगत से ही 3200 करोड़ का घोटाला संभव हुआ। डिस्टलरी संचालक, हवाला कारोबारी, शराब दुकान संचालक और अधिकारी, सभी मिलकर इस को अंजाम देते रहे।
EOW ने अब तक 200 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की है। इनमें कारोबारी, आबकारी अफसर, रकम पहुँचाने वाले एजेंट और हवाला नेटवर्क से जुड़े लोग शामिल हैं। पूछताछ में यह भी सामने आया कि शराब दुकानों को निर्देश दिया गया था कि खपत का रिकॉर्ड सरकारी दस्तावेज में दर्ज न करें।
जांच में खुलासा हुआ है कि फरवरी 2019 से शुरू हुआ भ्रष्टाचार धीरे-धीरे बहुत बड़ा हो गया। शुरुआत में हर महीने करीब 200 ट्रक (800 पेटी शराब प्रति ट्रक) निकलते थे, जिसकी कीमत 2,840 रुपए प्रति पेटी थी। बाद में यह सप्लाई 400 ट्रक प्रति महीने तक पहुँच गई और कीमत 3,880 रुपए प्रति पेटी हो गई। तीन साल में 60 लाख पेटियां बिना टैक्स बेची गईं।
इस मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल, रिटायर्ड IAS अनिल टूटेजा और होटल कारोबारी अनवर ढेबर समेत 15 लोग पहले से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। ED और EOW की संयुक्त कार्रवाई में अब तक कुल 70 आरोपित बनाए जा चुके हैं।

