March 6, 2026

मैनपाट में पौधरोपण, रायगढ़ में पेड़ कटाई : हरियाली को लेकर सरकार का दोहरा रवैया?

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रायपुर – एक तरफ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मैनपाट की वादियों में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रायगढ़ जिले में 5,000 से अधिक पेड़ों की कटाई ने सरकार की नीयत और हरियाली नीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बताया जा रहा है कि यह पेड़ कटाई अडानी समूह की परियोजनाओं के तहत की गई है। इससे न केवल क्षेत्र की हरियाली को गहरा नुकसान पहुंचा है, बल्कि स्थानीय लोगों में भी जबरदस्त आक्रोश है।

मुख्यमंत्री रहते ही बदली प्राथमिकता?

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जब सांसद थे, तब इसी क्षेत्र में उन्होंने हरियाली और जंगल बचाने को लेकर कई मंचों से आवाज उठाई थी। लेकिन अब मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हीं इलाकों में बड़े पैमाने पर पेड़ कटाई से जनता सवाल पूछ रही है — क्या अब जंगल और पर्यावरण के लिए मुख्यमंत्री का प्रेम खत्म हो गया है?

स्थानीय विरोध और जनाक्रोश

रायगढ़ के ग्रामीण और सामाजिक संगठनों ने इस पेड़ कटाई का विरोध करते हुए कहा है कि सरकार को इस तरह के फैसले लेने से पहले जनता से संवाद करना चाहिए था। जंगलों की अंधाधुंध कटाई न सिर्फ पर्यावरण के लिए खतरा है, बल्कि इसका सीधा असर स्थानीय जीवन, जलस्रोतों और जलवायु पर भी पड़ेगा।

राजनीतिक असर भी तय?

जानकारों का मानना है कि अगर सरकार ने समय रहते इस नाराजगी को दूर नहीं किया, तो 2028 के विधानसभा चुनावों में इसका राजनीतिक असर देखने को मिल सकता है। लोगों के बीच यह धारणा बन रही है कि सरकार मैनपाट में कैमरों के सामने पौधरोपण कर हरियाली का दिखावा कर रही है, जबकि दूसरी ओर रायगढ़ में चुपचाप हजारों पेड़ काटे जा रहे हैं।

सरकार की सफाई का इंतजार

फिलहाल सरकार की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पर्यावरण प्रेमी और सामाजिक कार्यकर्ता सरकार से इस कटाई को रोकने और हरियाली संरक्षण की नीति पर स्पष्ट रुख रखने की मांग कर रहे हैं।

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