सूखने लगे तालाब, हैण्डपंपों की धार पतली, कैसे होगी जलापूर्ति – नगर पंचायत माना कैम्प
रायपुर/ माना – जीवनरेखा कहे जाने वाला ऐतहासिक तालाब आज अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है. यह तालाब अब देखने में तालाब कम खदान ज्यादा नजर आ रहा. यह विशाल तालाब जो कभी माना नगर पंचायत अन्तर्गत नगर के हजारों लोगो के लिए जल का मुख्यस्रोत था, अब बदहाल स्थिति में पहुंच चुका है. ऐसे में बरसात में जल संचय कैसे होगा बड़ा सवाल है. स्थानीय निवासियों के अनुसार बीते दो दशक से तालाब के गहरीकरण और सफाई की मांग उठ रही है, पर कोई ठोस समाधान नहीं निकला.

बताया कि कुछ महीने पहले यह तालाब पानी से लबालब भरा रहता था. इससे लगभग हजारों लोगों की पानी की जरूरतें पूरी होती थी. अब यह तालाब कचड़ों से भर गया है. गर्मी में पूरी तरह सूख जाता है.

आप को बता दे कि भीषण गर्मी को देखते हुए तालाब अब सूख चुका है. भूमिगत जल का लेबल भी तेजी से घट रहा है. वहीं, नगर के लोग पानी के लिए परेशान हो रहे हैं.
ग्रीष्म ऋृतु की आहट के साथ ही इस वर्ष तेज गर्मी का एहसास होने लगा है। पारा 35 से 42 डिग्री तक पहुंचने लगा है। दिन में तेज धूप होने की वजह से लबालब भरे तालाब भी सूखने लगे हैं।
शहर और माना नगर के आधा दर्जन तालाब ऐसे हैं जो सूखने की कगार पर हैं। कुछ तालाब तो खाली मैदान बन गए हैं। तालाबों के पानी सूखने से आसपास के क्षेत्र का जलस्तर कम होने लगा है। हैंडपंप व बोर का पानी काफी नीचे चला गया है।

