Exclusive: विधानसभा स्थित कबाड़ के दुकान में पाई गई सत्र 2025 – 26 की सरकारी किताबें, जिला शिक्षा अधिकारी नही उठा रहे फोन
छत्तीसगढ़ – रायपुर में बच्चो को निःशुल्क में दी जाने वाली किताबो का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। ‘निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण कार्यक्रम’ के तहत कई सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ी है। लेकिन इस सफलता के पीछे एक बड़ा घोटाला सामने आया है। लाखो रुपए की किताबें, जो बच्चों के लिए बनी थी, उन्हें कबाड़ में बेच दिया गया है। ये किताबे राजधानी रायपुर के विधानसभा स्थित बनारसी ढाबा के बाजू में एक कबाड़ी दुकान में पाई गई है। इससे साफ है बच्चों की शिक्षा के साथ खिलवाड़ किया गया हैं।

आपको बता दे अभी स्कूल सत्र प्रारंभ भी नही हुआ है। स्कूलों में किताबे बाटी भी नही गई, पर विधानसभा स्थित कबाड़ी दुकान में सत्र 2025- 26 की किताबें देखने को मिला है। ये वो किताबें है जो कक्षा 03 से लेकर कक्षा 10 वीं तक की सारी किताबें इस कबाड़ दुकान में देखने को मिली है। कबाड़ दुकान मालिक का कहना है कि एक वाहन में किताबे भरकर आई हैं। किताब कबाड़ होने के नाते रद्दी के भाव मे बेचने- खरीदने का सनसनी खेज खुलासा हुआ..

आशंका जताई जा रही है कि अधिकारी- कर्मचारियों की मिली भगत से लाखों रुपए की किताबें चुपके से रद्दी में बेचकर राशि डागर ली गई होगी।

वही इस पूरे मामले में जिला शिक्षा अधिकारी को इसकी जानकारी देने के लिए फोन किया गया। पर उन्होंने फोन का कोई जबाब नही दिया।

अब सवाल ये उठता है कि, इस पूरे भ्रष्टाचार के पीछे आखिर किसका हाथ है? क्या कबाड़ दुकान और शिक्षा विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों की मिली भगत से ये पूरा खेल खेला जा रहा है? या फिर बिना जान- पहचान के कैसे इन किताबों को कबाड़ के बेच दिया गया .. ये तो जांच का विषय है।

