March 11, 2026

छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य क्षेत्र को मिले उद्योग का दर्जा – एएचपीआई

0
IMG-20250508-WA0022


  • अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता और महासचिव अतुल सिंघानिया ने मुख्यमंत्री से की अपील 
  • पर्यटन की तर्ज पर स्वास्थ्य को भी मिले उद्योग का दर्जा 
  • छत्तीगढ़ मध्य भारत का बड़ा मेडिकल हब बन सकेगा और युवा चिकित्सक स्वास्थ्य में निवेश के लिए प्रोत्साहित होंगे

रायपुर – एसोसिएशन ऑफ़ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स इंडिया (एएचपीआई) के छत्तीसगढ़ चैप्टर ने प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र को उद्योग का दर्जा दिए जाने की मांग मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से की है। एएचपीआई छत्तीसगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता और महासचिव अतुल सिंघानिया द्वारा मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में उल्लेख किया गया है कि छत्तीसगढ़ में निजी क्षेत्र में  अस्पताल और नर्सिंग होम मिलाकर 900 सेज्यादा स्वास्थ्य प्रदाता संस्थाएं संचालित हैं। वर्तमान नीतियों के अनुसार इन्हें कमर्शियल (व्यावसायिक)श्रेणी में अपेक्षाकृत बहुत महंगी दरों पर बैंकिंग और अन्य सेवाएं प्राप्त होती हैं, जबकिस्वास्थ्य का क्षेत्र अति आवश्यक सेवाओं में माना जाता है। जनकल्याणकारी सरकार की नीतियों को लागू करने में स्वास्थ्य क्षेत्र की अहम भूमिका है। 

छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया है। शासन की मंशा अनुसार उद्योग का दर्जा मिलने पर पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा साथ ही पर्यटन के अधोसंरचना निर्माण में तेजी आएगी। इसी प्रकार स्वास्थ्य प्रदाता सेवाओं को उद्योग का दर्जा मिलने से छत्तीसगढ़ में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और सेवाओं की लागत में आवश्यक कमी आ जाएगी। छोटे और मध्यम आकार के अस्पतालों का फैलाव बढ़ेगा और सुदूर अंचलों में बढ़ावा मिलेगा। स्वास्थ्यक्षेत्र में आवश्यक जमीन, उद्योगों के समान मिलने वाले कम दर के कर्ज और बिजली कीदरों एवं अन्य औद्योगिक नीतियों के अंतर्गत सब्सिडी पर हेतु नीतिगत पुनरावलोकनआवश्यक हो गया है। इननीतियों के लागू हो जाने से आसपास के राज्यों से प्रगति में बढ़ रहे छत्तीसगढ़ राज्य को मध्य भारत में एक बड़ा मेडिकल हब बनाने में मदद मिलेगी। इससेअस्पतालों का संचालन व्यय कम होगा जिससे युवा चिकित्सक स्वास्थ्य क्षेत्र मेंनिवेश करने के लिए प्रोत्साहित होंगे।

पत्र में आगे कहा गया है कि हाल ही में राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 में संशोधन करते हुए  फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर)को 1.5 से बढ़ाकर 3.0 कियागया है, जिससेउद्योग एक ही भूखंड पर अब दोगुना निर्माण कर सकेंगे। औद्योगिक प्लॉट्स के लिए ग्राउंड कवरेज को 60 प्रतिशतसे बढ़ाकर 70 प्रतिशतकर दिया गया है और सेटबैक में भी कमी की गई है, जिससेमहंगी कीमत की जमीन का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। इससे विशेष रूप से एमएसएमई और स्टार्टअप्स को कम लागत में अधिक उपयोग योग्य स्थान उपलब्ध होगा।  

डॉ. गुप्ता ने मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया है कि स्वास्थ्य क्षेत्र को उद्योग का दर्जा मिलने से और अस्पतालों को  भी एफएआर में वृद्धि करने से अस्पतालों द्वारा अपने कर्मचारियों  के लिए आवासीय सुविधा एवं बिस्तरों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी। युवा चिकित्सकों को सुदूर पहुंचविहीन इलाकों में अस्पताल निर्माण के लिए प्रोत्साहन देने की जरूरत है। 

डॉ. राकेश गुप्ता और अतुल सिंघानिया ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि व्यापक जनहित को देखते हुए वे स्वास्थ्य क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देने के लिए नीति परिवर्तन हेतु आवश्यक निर्देश दें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed