March 7, 2026

दुर्ग की अबोध निर्भया को न्याय दिलाने कांग्रेस न्याय पथ पर निकलेगी,18 से 21 अप्रैल तक दुर्ग से रायपुर तक पदयात्रा, 21 को मुख्यमंत्री निवास का घेराव

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रायपुर – नवरात्रि के समय जब पूरे देश में कन्याभोजन हो रहा था तब छत्तीसगढ़ के दुर्ग में एक मासूम बच्ची के साथ अनाचार हो गया उसकी हत्या हो गयी। अबोध बच्ची के साथ जो दरिंदगी हुई उसे सुनकर रूह कांप जाती है। राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद बेटियां, बहनें, मातायें सुरक्षित नही है। लगातार दुराचार की घटनाये बढ़ रही है। अपराधी बेलगाम हो गये है उनमें कानून का भय नही है। सरकार अपने आप में मस्त है, मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को कानून की चिंता नही है, रोज हत्याएं, लूट, बलात्कार हो रहे है।

सरकार महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देने में नाकाम है।

सरकार और पुलिस से लोगों का भरोसा उठ गया है। इसी कारण दुर्ग में इस घटना के बाद संदिग्ध आरोपी के घर आगजनी की गयी।
बलौदाबाजार में एसपी और कलेक्टर कार्यालय जला दिये गये। प्रशासन की नाकामी के चलते लोहारीडीह, बलरामपुर, सूरजपुर के बाद अब दुर्ग में जनता खुद ही न्याय करने सड़क पर उतर गई, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है।

दुर्ग की यह घटना राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था का उदारण है। जबसे राज्य में भाजपा की सरकार बनी है तब से महिलाये, बच्चियां असुरिक्षत है। घटना के बाद पुलिस का रवैय्या बेहद ही दुर्भाग्यजनक है। वास्तविक अपराधी को पकड़ने की बजाय पुलिस मामले की लीपा-पोती में लगी है। जिसे गिरफ्तार किया गया, अपराधी बताया जा रहा मृतका के परिजन उसे अपराधी मानने को तैयार नहीं है। पुलिस ने घर की महिलाओं और बुजुर्गों के साथ बर्बरता की हदें पार कर दीं, वहीं पुरुष परिजनों पर झूठा अपराध कबूल करने का दबाव बनाया गया।

पुलिस घटना को लेकर आवाज उठाने वालों को प्रताड़ित करने में लगी है। 8 लोगों को जेल भेज दिया गया। मृतक बच्ची के वृद्ध दादा को पुलिस ने अमानवीय तरीके से पीटे। मृतका की हम उम्र बुआ के साथ भी पुलिस ने मारपीट किया, इतनी बेरहमी से मारा गया कि उसके गाल के भीतरी हिस्से में चोटे आई।
पुलिस ने अपनी विफलता छुपाने के लिए शोक संतप्त परिजनों पर अत्याचार किया है। परिवार की महिलाओं के साथ मारपीट किया।
परिवार को पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। अतः परिजनों की मांग के अनुसार पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जाये।
ऽ दुर्ग के एसपी को तत्काल हटाया जाए और टीआई को सस्पेंड किया जाये। इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेकर गृह मंत्री अपने पद से इस्तीफा दे। गृहमंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते है तो मुख्यमंत्री तत्काल गृहमंत्री को उनके पद से बर्खास्त करे।

इस घटना के विरोध में दुर्ग की अबोध निर्भया को न्याय दिलाने कांग्रेस न्याय पथ पर निकलने जा रही है। हम 18 से 21 अप्रैल को दुर्ग से रायपुर तक न्याय यात्रा निकालेंगे। 21 अप्रैल को मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जायेगा।

पत्रकार वार्ता में कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, जांच समिति के संयोजक संगीता सिन्हा, महामंत्री सुबोध हरितवाल, ममता चंद्राकर, हेमा देशमुख, वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, सुरेन्द्र वर्मा, प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह, अजय गंगवानी, प्रगति बाजपेयी उपस्थित थे।

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