पिछले सुशासन तिहार में 40 लाख से अधिक आवेदन मिले थे कितनों का समाधान हुआ?…सुशासन तिहार मतलब जनता के साथ धोखा 2.0 सिर्फ आवेदन लिया जाएगा निराकरण नही – प्रवक्ता ठाकुर
रायपुर – सुशासन तिहार को जनता के साथ धोखा 2.0 करार देते हुये प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि सुशासन तिहार आमजनता के साथ धोखा 2.0 है पिछली बार सुशासन तिहार में 40 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे जिसे सिर्फ निरस्त किया गया है समस्या एवं मांग आज भी बरकरार है ऐसे में अभी भी सुशासन तिहार में वही समस्या एवं मांग पत्र जनता देगी जिसका निराकरण नही होगा।तो सुशासन तिहार का क्या मतलब जब समस्या जस की तस हो।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा पिछले वर्ष हुई सुशासन तिहार में 10 लाख से अधिक आवेदन प्रधानमंत्री आवास की मांग की थी, 2 लाख से अधिक आवेदन उज्जवला गैस योजना के लिए लगभग पौने दो लाख से अधिक आवेदन नया राशन कार्ड के लिए, 70000 से अधिक आवेदन सड़क पुल पुलिया निर्माण की मांग की एवं 25 लाख से अधिक आवेदन अन्य मांगों से जुड़ी हुई थी। कितना आवेदनकर्ताओं की मांग पूरी हुई है सरकार को सूची सार्वजनिक करना चाहिये।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि सुशासन तिहार में जनता को बताना चाहिये कि भाजपा के गारंटी के अनुसार अब तक 500 रु में रसोई गैस सिलेंडर क्यो नही दिया गया? 1 लाख सरकारी नोकरी और 57 लाख शिक्षकों की भर्ती की गारंटी थी अभी तक 5 हजार भर्ती भी नही हुई?महिला स्वसहायता समूह को रेडी टू ईट का काम क्यो नही मिला?गांव में पेयजल की उपलब्धता क्यो नही है?40% महिलाओं को महतारी वंदन योजना से दूर क्यो रखा गया है?शराब बंद क्यो नही हुई?शिक्षा के अधिकार के तहत गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में भर्ती के लिए 38 हजार सीट कम क्यो कर दी गई?अनियमित कर्मचारियों का नियमितिकरण क्यो नही हुआ?गरीब को जमीन खरीदने में रजिस्ट्री में मिलने वाली 30% छूट क्यो खत्म कर दी गई?
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पिछले सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों को बजट के अनुरूप स्वीकृत करने की बात कही गई थी लेकिन बजट में आवेदनों के निराकरण के लिए कोई अतिरिक्त बजट नही दिया गया है।ऐसे में सुशासन तिहार सरकारी प्रोपोगंडा के अलावा कुछ भी नही है।डबल इंजन की सरकार का मूल काम प्रोपोगंडा करना है जनता इस सरकार के कुशासन से त्रस्त है।सुशासन तिहार सिर्फ ढकोसला बाजी है।

